ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर नाबालिग ने किया था सुसाइड:लड़की का डीपी लगाकर बात करता था आरोपी, AI से न्यूड फोटो बनाकर मांगता था पैसे

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर नाबालिग ने किया था सुसाइड:लड़की का डीपी लगाकर बात करता था आरोपी, AI से न्यूड फोटो बनाकर मांगता था पैसे

पटना में 11 जुलाई को 7वीं के छात्र आयुष सिंह (12) की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई थी। 1 महीने के बाद पुलिस ने मामले में खुलासा किया है। आयुष के मोबाइल की पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वो किसी से फोन पर अक्सर बातें किया करता था। जिस नंबर से वो बात करता था, उसके डीपी में लड़की की तस्वीर लगी है। मोबाइल नंबर की जांच में पता चला कि वो लड़की नहीं, बल्कि लड़का है और साइबर फ्रॉड है। जिसकी पहचान हजारीबाग के रहने वाले सुनील साव के रूप में की गई। उसने आयुष का न्यूड फोटो AI से बनाया था। सुनील उसी फोटो को भेजकर आयुष को ब्लैकमेल किया करता था। परेशान होकर आयुष ने सुसाइड कर लिया। पंखे से लटक कर उसने अपनी जान दे दी थी। 14 अगस्त को पुलिस ने सुनील को हजारीबाग से गिरफ्तार किया और 15 अगस्त को पटना लेकर आई। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी दी। घटना पोस्ट ऑफिस गली पुनाईचक की है। घटना के वक्त घर में कोई नहीं था आयुष के पिता रंजीत सिंह वैशाली के रहने वाले हैं। पटना में वे सिलाई का काम करते हैं और रेंट के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी और छोटा बेटा भी है। रंजीत बताते हैं कि घटनावाले दिन वे पत्नी और छोटे बेटे के साथ मार्केट निकले थे। इसी बीच पड़ोस के एक दुकानदार ने बताया था कि बेटे को किसी ने मार दिया है। रंजीत जब घर पहुंचे तो बेटे आयुष की लाश देखी थी। जिसके बाद पिता ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फोन से बात करते घर से निकला था आयुष घटना वाले दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि आयुष घर से निकल रहा है। जिसके बाद वो गली से मेन रोड पर आता है। वो मोबाइल पर किसी से बात करते दिख रहा है। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि वो किसी के आने का इंतजार कर रहा है। नाबालिग ने आरोपी को 2500 रुपए भेजे थे सचिवालय एसडीपीओ 1 डॉक्टर अनु कुमारी ने बताया कि सुनील लगातार आयुष से कैश की डिमांग कर रहा था। मोबाइल की जांच में पता चला कि आयुष ने मरने से पहले सुनील को 2500 रुपए ट्रांसफर किए थे। एक बार 1000 और दूसरी बार 1500 रुपए। एसडीपीओ बताती हैं कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात सामने आई है। आरोपी पोटेंशियल साइबर फ्रॉड है। पिता ने कहा- बेटे की हत्या हुई है पिता रंजीत सिंह कहते हैं कि पंखे से फर्श की हाइट बहुत कम है। मेरा बेटा सुसाइड नहीं कर सकता है। उसको मारकर लटकाया गया है। आरोपी सुनील ने अपने किसी आदमी को भेजकर हत्या कराई है। गला घोंटकर मारा है। पटना में 11 जुलाई को 7वीं के छात्र आयुष सिंह (12) की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई थी। 1 महीने के बाद पुलिस ने मामले में खुलासा किया है। आयुष के मोबाइल की पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वो किसी से फोन पर अक्सर बातें किया करता था। जिस नंबर से वो बात करता था, उसके डीपी में लड़की की तस्वीर लगी है। मोबाइल नंबर की जांच में पता चला कि वो लड़की नहीं, बल्कि लड़का है और साइबर फ्रॉड है। जिसकी पहचान हजारीबाग के रहने वाले सुनील साव के रूप में की गई। उसने आयुष का न्यूड फोटो AI से बनाया था। सुनील उसी फोटो को भेजकर आयुष को ब्लैकमेल किया करता था। परेशान होकर आयुष ने सुसाइड कर लिया। पंखे से लटक कर उसने अपनी जान दे दी थी। 14 अगस्त को पुलिस ने सुनील को हजारीबाग से गिरफ्तार किया और 15 अगस्त को पटना लेकर आई। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी दी। घटना पोस्ट ऑफिस गली पुनाईचक की है। घटना के वक्त घर में कोई नहीं था आयुष के पिता रंजीत सिंह वैशाली के रहने वाले हैं। पटना में वे सिलाई का काम करते हैं और रेंट के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी और छोटा बेटा भी है। रंजीत बताते हैं कि घटनावाले दिन वे पत्नी और छोटे बेटे के साथ मार्केट निकले थे। इसी बीच पड़ोस के एक दुकानदार ने बताया था कि बेटे को किसी ने मार दिया है। रंजीत जब घर पहुंचे तो बेटे आयुष की लाश देखी थी। जिसके बाद पिता ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फोन से बात करते घर से निकला था आयुष घटना वाले दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि आयुष घर से निकल रहा है। जिसके बाद वो गली से मेन रोड पर आता है। वो मोबाइल पर किसी से बात करते दिख रहा है। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि वो किसी के आने का इंतजार कर रहा है। नाबालिग ने आरोपी को 2500 रुपए भेजे थे सचिवालय एसडीपीओ 1 डॉक्टर अनु कुमारी ने बताया कि सुनील लगातार आयुष से कैश की डिमांग कर रहा था। मोबाइल की जांच में पता चला कि आयुष ने मरने से पहले सुनील को 2500 रुपए ट्रांसफर किए थे। एक बार 1000 और दूसरी बार 1500 रुपए। एसडीपीओ बताती हैं कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात सामने आई है। आरोपी पोटेंशियल साइबर फ्रॉड है। पिता ने कहा- बेटे की हत्या हुई है पिता रंजीत सिंह कहते हैं कि पंखे से फर्श की हाइट बहुत कम है। मेरा बेटा सुसाइड नहीं कर सकता है। उसको मारकर लटकाया गया है। आरोपी सुनील ने अपने किसी आदमी को भेजकर हत्या कराई है। गला घोंटकर मारा है।  

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