ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को भारत का बता बैठे डोनाल्ड ट्रंप, बोले- 12.5 करोड़ वोट पड़े, अमेरिकी चुनाव पूरी तरह भ्रष्ट

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को भारत का बता बैठे डोनाल्ड ट्रंप, बोले- 12.5 करोड़ वोट पड़े, अमेरिकी चुनाव पूरी तरह भ्रष्ट

Brazil Presidential Election: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट की वजह से एक बार फिर चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गए हैं। अपने ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने गलती से दक्षिण अमेरिकी देश ब्राज़ील में हुए राष्ट्रपति चुनाव को ‘भारत का राष्ट्रपति चुनाव’ बता दिया। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए अमेरिकी वोटिंग को पूरी तरह से भ्रष्ट बताया।

ट्रंप ने पोस्ट में क्या लिखा?

ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल‘ अकाउंट पर लिखा कि आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया। इसके बाद उन्होंने भारतीय चुनाव की तुलना अमेरिकी सिस्टम से की और कहा कि डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया और कैलिफ़ोर्निया जैसे अमेरिकी शहरों और राज्यों में नतीजों की गिनती में हफ्तों लग जाते हैं। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है।

ब्राजील के आंकड़ों से मिलता है 12.5 करोड़ का आंकड़ा

डोनाल्ड ट्रंप का यह पोस्ट रविवार 4 अक्टूबर को ब्राज़ील में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग के ठीक एक दिन बाद आया। ब्राज़ील में लगभग 15.9 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर हैं, जिनमें से लगभग 12.45 करोड़ लोगों ने वोट डाला। लगभग 21% वोटरों ने वोट नहीं डाला। इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच मुकाबला हुआ।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, लगभग सभी वोटों की गिनती के बाद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो को लगभग 47% वोट मिले, जबकि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा को लगभग 45% वोट मिले। चूंकि किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत यानि 50% से अधिक वोट नहीं मिला, इसलिए अब 25 अक्टूबर को वोटिंग का दूसरा दौर (रनऑफ) होगा। फ्लावियो बोल्सोनारो को ट्रंप का करीबी सहयोगी माना जाता है।

भारत में सीधे जनता नहीं चुनती राष्ट्रपति

ट्रंप का दावा न केवल देश के नाम के मामले में गलत है, बल्कि संवैधानिक रूप से भी पूरी तरह से बेबुनियाद है। भारत में अमेरिका या ब्राजील की तरह राष्ट्रपति का चुनाव जनता के वोटों से नहीं होता। भारत के राष्ट्रपति का चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के जरिए एक इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है। इस इलेक्टोरल कॉलेज में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के चुने हुए सदस्य और सभी राज्यों व केंद्र-शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्य शामिल होते हैं।

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