ब्राउन शुगर का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 11 आरोपी धराए

ब्राउन शुगर का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 11 आरोपी धराए

जिले में ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार के खिलाफ सिमडेगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 8.3 ग्राम ब्राउन शुगर, 10 मोबाइल फोन, एक वजन मापने की मशीन, दो लाइटर और 150 पारदर्शी प्लास्टिक पाउच बरामद किए हैं। डीएसपी रनवीर सिंह ने बताया कि जिले में युवाओं को नशे की लत में फंसाकर अवैध कारोबार से जोड़ने वाले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है। डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस.खोटरे के निर्देश पर जिले में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और सेवन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 19 अक्टूबर को सूचना मिली कि सिमडेगा थाना क्षेत्र के केलाघाघ डैम के समीप बुधराटोली में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सेवन किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की गई। इस दौरान मौके से 10 लोगों को पकड़ा गया और उनके पास से सात ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में गुमला निवासी दीपक कुमार को कोलेबिरा के जामटोली से गिरफ्तार किया। उसके पास से 1.3 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इस तरह कुल 8.3 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। पुलिस ने सिमडेगा थाना कांड संख्या 140/26, दिनांक 20 अक्टूबर 2026 के तहत बीएनएस और एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की गई। 500 रुपए में बिकती थी एक पुड़िया: पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री के तरीके को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार विवेक साहू,रंजीत कुमार सिंह,अनूपम केरकेट्टा,राकेश कुमार और कार्तिक कुमार उर्फ गुड्डू गुमला निवासी दीपक कुमार से लगभग 3,000 रुपये प्रति ग्राम की दर से ब्राउन शुगर खरीदते थे। इसके बाद इसे छोटी-छोटी 10 पुड़ियों में बांटकर प्रत्येक पुड़िया करीब 500 रुपए में बेचने की बात सामने आई है। मुफ्त में नशा कराकर युवाओं को फंसाने का आरोप पुलिस की प्रारंभिक जांच में जिले में ब्राउन शुगर के कारोबार को फैलाने के लिए बहुस्तरीय नेटवर्क की तरह काम किए जाने की आशंका सामने आई है। पुलिस के अनुसार युवाओं को शुरुआत में मुफ्त में ब्राउन शुगर का सेवन कराया जाता है। धीरे-धीरे जब उन्हें इसकी लत लग जाती है,तो वे पैसे देकर नशा खरीदने लगते हैं। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए पैसे की कमी होने पर कुछ युवा खुद भी इसकी खरीद-बिक्री में शामिल हो जाते हैं। इस तरह वे नशे की लत के साथ अवैध कारोबार के जाल में फंसते चले जाते हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों,ब्राउन शुगर की आपूर्ति करने वालों और कारोबार में उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल विवेक साहू का पूर्व में भी ब्राउन शुगर से संबंधित आपराधिक इतिहास रहा है। वह सिमडेगा थाना कांड संख्या 62/2026 में पहले भी जेल जा चुका है। जिले में ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार के खिलाफ सिमडेगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 8.3 ग्राम ब्राउन शुगर, 10 मोबाइल फोन, एक वजन मापने की मशीन, दो लाइटर और 150 पारदर्शी प्लास्टिक पाउच बरामद किए हैं। डीएसपी रनवीर सिंह ने बताया कि जिले में युवाओं को नशे की लत में फंसाकर अवैध कारोबार से जोड़ने वाले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है। डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस.खोटरे के निर्देश पर जिले में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और सेवन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 19 अक्टूबर को सूचना मिली कि सिमडेगा थाना क्षेत्र के केलाघाघ डैम के समीप बुधराटोली में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सेवन किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की गई। इस दौरान मौके से 10 लोगों को पकड़ा गया और उनके पास से सात ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में गुमला निवासी दीपक कुमार को कोलेबिरा के जामटोली से गिरफ्तार किया। उसके पास से 1.3 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इस तरह कुल 8.3 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। पुलिस ने सिमडेगा थाना कांड संख्या 140/26, दिनांक 20 अक्टूबर 2026 के तहत बीएनएस और एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की गई। 500 रुपए में बिकती थी एक पुड़िया: पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री के तरीके को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार विवेक साहू,रंजीत कुमार सिंह,अनूपम केरकेट्टा,राकेश कुमार और कार्तिक कुमार उर्फ गुड्डू गुमला निवासी दीपक कुमार से लगभग 3,000 रुपये प्रति ग्राम की दर से ब्राउन शुगर खरीदते थे। इसके बाद इसे छोटी-छोटी 10 पुड़ियों में बांटकर प्रत्येक पुड़िया करीब 500 रुपए में बेचने की बात सामने आई है। मुफ्त में नशा कराकर युवाओं को फंसाने का आरोप पुलिस की प्रारंभिक जांच में जिले में ब्राउन शुगर के कारोबार को फैलाने के लिए बहुस्तरीय नेटवर्क की तरह काम किए जाने की आशंका सामने आई है। पुलिस के अनुसार युवाओं को शुरुआत में मुफ्त में ब्राउन शुगर का सेवन कराया जाता है। धीरे-धीरे जब उन्हें इसकी लत लग जाती है,तो वे पैसे देकर नशा खरीदने लगते हैं। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए पैसे की कमी होने पर कुछ युवा खुद भी इसकी खरीद-बिक्री में शामिल हो जाते हैं। इस तरह वे नशे की लत के साथ अवैध कारोबार के जाल में फंसते चले जाते हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों,ब्राउन शुगर की आपूर्ति करने वालों और कारोबार में उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल विवेक साहू का पूर्व में भी ब्राउन शुगर से संबंधित आपराधिक इतिहास रहा है। वह सिमडेगा थाना कांड संख्या 62/2026 में पहले भी जेल जा चुका है।  

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