बेतिया-SSP ने अनाथ बच्चों को कराए मां दुर्गा के दर्शन:अपनी गाड़ी से 4 पूजा पंडालों में ले गए, पहली बार बाहर निकलकर बच्चों ने देखी पूजा

बेतिया-SSP ने अनाथ बच्चों को कराए मां दुर्गा के दर्शन:अपनी गाड़ी से 4 पूजा पंडालों में ले गए, पहली बार बाहर निकलकर बच्चों ने देखी पूजा

बेतिया में दुर्गा पूजा के दौरान एसएसपी कुमार गौतम ने अनाथ आश्रम के बच्चों को मां दुर्गा के दर्शन कराए। वह खुद आश्रम पहुंचे और बच्चों को अपनी गाड़ी से शहर के कई पूजा पंडालों में ले गए। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। एसएसपी बच्चों को दुर्गा बाग मंदिर, पावर हाउस चौक, बंगाली कॉलोनी और बानूछापर के पूजा पंडालों में लेकर गए। वहां बच्चों ने मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा का माहौल देखा। बच्चों ने बताया कि वे पहली बार अनाथ आश्रम से बाहर निकलकर मां दुर्गा के दर्शन करने आए थे। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। बच्चों ने इस पहल के लिए एसएसपी कुमार गौतम का धन्यवाद किया। बच्चों को अपनेपन का एहसास कराने की पहल एसएसपी की इस पहल से बच्चों को त्योहार की खुशियों में शामिल होने का मौका मिला। यह पहल इस बात का संदेश भी देती है कि त्योहारों की खुशी में हर किसी की भागीदारी जरूरी है। खासकर उन बच्चों को भी खुशी और अपनापन देना जरूरी है, जिन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता। पुलिस की वर्दी के साथ संवेदनशीलता की यह पहल बच्चों के लिए दुर्गा पूजा की यादगार बन गई। बेतिया में दुर्गा पूजा के दौरान एसएसपी कुमार गौतम ने अनाथ आश्रम के बच्चों को मां दुर्गा के दर्शन कराए। वह खुद आश्रम पहुंचे और बच्चों को अपनी गाड़ी से शहर के कई पूजा पंडालों में ले गए। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। एसएसपी बच्चों को दुर्गा बाग मंदिर, पावर हाउस चौक, बंगाली कॉलोनी और बानूछापर के पूजा पंडालों में लेकर गए। वहां बच्चों ने मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा का माहौल देखा। बच्चों ने बताया कि वे पहली बार अनाथ आश्रम से बाहर निकलकर मां दुर्गा के दर्शन करने आए थे। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। बच्चों ने इस पहल के लिए एसएसपी कुमार गौतम का धन्यवाद किया। बच्चों को अपनेपन का एहसास कराने की पहल एसएसपी की इस पहल से बच्चों को त्योहार की खुशियों में शामिल होने का मौका मिला। यह पहल इस बात का संदेश भी देती है कि त्योहारों की खुशी में हर किसी की भागीदारी जरूरी है। खासकर उन बच्चों को भी खुशी और अपनापन देना जरूरी है, जिन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता। पुलिस की वर्दी के साथ संवेदनशीलता की यह पहल बच्चों के लिए दुर्गा पूजा की यादगार बन गई।  

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