बेतिया में भारत छोड़ो आंदोलन के 8 शहीदों को श्रद्धांजलि:शहीद परिवारों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित; 24 अगस्त 1942 को अंग्रेजों ने चलाई थी गोलियां

बेतिया में भारत छोड़ो आंदोलन के 8 शहीदों को श्रद्धांजलि:शहीद परिवारों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित; 24 अगस्त 1942 को अंग्रेजों ने चलाई थी गोलियां

बेतिया में भारत छोड़ो आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सोमवार, 24 अगस्त को शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी तरणज्योत सिंह, पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम और महापौर गरिमा देवी सिकारिया सहित कई वरीय अधिकारी शामिल हुए। सभी ने शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी तरणज्योत सिंह ने बताया कि 24 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बेतिया के छोटा रमना मैदान में अंग्रेजी हुकूमत की गोली से आठ वीर सपूत शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए इन वीरों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। शहीद परिवारों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान शहीदों को नमन करने के साथ उनके परिजनों को भी सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और महापौर ने शहीद परिवारों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने इन परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए देश की स्वतंत्रता में उनके अमूल्य योगदान को सराहा। शहीद परिवारों ने रखीं अपनी समस्याएं कार्यक्रम में शहीद परिवारों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा। जिला पदाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। देशहित में काम करना ही सच्ची श्रद्धांजलि वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों का बलिदान देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। उनके आदर्शों, साहस और देश के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का समापन शहीदों को नमन और उनके बलिदान को सदैव याद रखने के संकल्प के साथ हुआ। बेतिया में भारत छोड़ो आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सोमवार, 24 अगस्त को शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी तरणज्योत सिंह, पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम और महापौर गरिमा देवी सिकारिया सहित कई वरीय अधिकारी शामिल हुए। सभी ने शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी तरणज्योत सिंह ने बताया कि 24 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बेतिया के छोटा रमना मैदान में अंग्रेजी हुकूमत की गोली से आठ वीर सपूत शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए इन वीरों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। शहीद परिवारों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान शहीदों को नमन करने के साथ उनके परिजनों को भी सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और महापौर ने शहीद परिवारों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने इन परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए देश की स्वतंत्रता में उनके अमूल्य योगदान को सराहा। शहीद परिवारों ने रखीं अपनी समस्याएं कार्यक्रम में शहीद परिवारों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा। जिला पदाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। देशहित में काम करना ही सच्ची श्रद्धांजलि वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों का बलिदान देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। उनके आदर्शों, साहस और देश के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का समापन शहीदों को नमन और उनके बलिदान को सदैव याद रखने के संकल्प के साथ हुआ।  

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