बेतिया में पार्षदों का महापौर के खिलाफ प्रदर्शन:पुलिस ने 25 लोगों को नगर थाना ले गई, त्योहारों को लेकर तैयारी पूरी न करने का आरोप

बेतिया में पार्षदों का महापौर के खिलाफ प्रदर्शन:पुलिस ने 25 लोगों को नगर थाना ले गई, त्योहारों को लेकर तैयारी पूरी न करने का आरोप

बेतिया नगर निगम में सोमवार को छठ और दीपावली की तैयारियों को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया के खिलाफ 25 पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। तैयारियों में लापरवाही और विभिन्न मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और नगर निगम परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। धरना दे रहे पार्षदों का आरोप था कि छठ और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्वों को लेकर नगर निगम की ओर से अपेक्षित तैयारियां नहीं की गई हैं। पार्षदों ने अपनी मांगों को लेकर महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान नगर निगम परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची सूचना मिलने पर एसडीएम और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन पार्षदों का विरोध जारी रहा। इसके बाद पुलिस धरना दे रहे पार्षदों को पुलिस वाहन में बैठाकर नगर थाना ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी नगर निगम परिसर में हंगामे का माहौल बना रहा। कोरम के अभाव में सवा घंटे बाद समाप्त हुई बोर्ड की बैठक : महापौर वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि सोमवार को नगर निगम बोर्ड की महत्वपूर्ण विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक की शुरुआत में कार्यवाही सुचारू रूप से चली और करीब सवा घंटे तक विभिन्न एजेंडों पर चर्चा हुई। लेकिन इसी बीच नगर पार्षद एक-एक कर अपनी बातों और व्यक्तिगत कारणों से बैठक से बाहर निकलने लगे। पार्षदों की संख्या घटने की वजह से बैठक पूरी नहीं हुई महापौर के अनुसार, सदन में उपस्थित पार्षदों की संख्या घटने के कारण आवश्यक कोरम पूरा नहीं रह गया। ऐसी स्थिति में वैधानिक प्रावधानों के तहत बैठक की कार्यवाही आगे जारी रखना संभव नहीं था। इसलिए विवश होकर बैठक समाप्त करनी पड़ी। इस प्रकार छठ और दीपावली की तैयारियों को लेकर पार्षदों का विरोध और बोर्ड की बैठक में कोरम का अभाव सोमवार को नगर निगम की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। बेतिया नगर निगम में सोमवार को छठ और दीपावली की तैयारियों को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया के खिलाफ 25 पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। तैयारियों में लापरवाही और विभिन्न मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और नगर निगम परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। धरना दे रहे पार्षदों का आरोप था कि छठ और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्वों को लेकर नगर निगम की ओर से अपेक्षित तैयारियां नहीं की गई हैं। पार्षदों ने अपनी मांगों को लेकर महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान नगर निगम परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची सूचना मिलने पर एसडीएम और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन पार्षदों का विरोध जारी रहा। इसके बाद पुलिस धरना दे रहे पार्षदों को पुलिस वाहन में बैठाकर नगर थाना ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी नगर निगम परिसर में हंगामे का माहौल बना रहा। कोरम के अभाव में सवा घंटे बाद समाप्त हुई बोर्ड की बैठक : महापौर वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि सोमवार को नगर निगम बोर्ड की महत्वपूर्ण विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक की शुरुआत में कार्यवाही सुचारू रूप से चली और करीब सवा घंटे तक विभिन्न एजेंडों पर चर्चा हुई। लेकिन इसी बीच नगर पार्षद एक-एक कर अपनी बातों और व्यक्तिगत कारणों से बैठक से बाहर निकलने लगे। पार्षदों की संख्या घटने की वजह से बैठक पूरी नहीं हुई महापौर के अनुसार, सदन में उपस्थित पार्षदों की संख्या घटने के कारण आवश्यक कोरम पूरा नहीं रह गया। ऐसी स्थिति में वैधानिक प्रावधानों के तहत बैठक की कार्यवाही आगे जारी रखना संभव नहीं था। इसलिए विवश होकर बैठक समाप्त करनी पड़ी। इस प्रकार छठ और दीपावली की तैयारियों को लेकर पार्षदों का विरोध और बोर्ड की बैठक में कोरम का अभाव सोमवार को नगर निगम की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *