बेगूसराय- तेघरा में 7 में लड़की की दूसरी लाश मिली:शरीर पर जींस-शर्ट, गले में स्टॉल लिपटी थी; 8 सितंबर को चादर में लपेटी मिली थी महिला

बेगूसराय- तेघरा में 7 में लड़की की दूसरी लाश मिली:शरीर पर जींस-शर्ट, गले में स्टॉल लिपटी थी; 8 सितंबर को चादर में लपेटी मिली थी महिला

बेगूसराय के तेघरा में मंगलवार को 7 दिनों के भीतर लड़की की दूसरी लाश मिली है। लड़की की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं ने सुबह करीब 6:30 बजे पानी किनारे पड़ी लाश देखी। करीब 20 वर्षीय युवती ने नीली जींस, चेकदार फुल शर्ट पहनी थी और कमर में स्टॉल लिपटा हुआ था। घटना पिढ़ौली डिहबार बाबा थानघाट के पास जमींदारी बांध के पास की है। इससे पहले 8 सितंबर को बिनलपुर में गड्ढे के पानी में चादर-बिछावन से लपेटी 25 वर्षीय महिला की लाश मिली थी, जिसके गले पर फंदे के गहरे निशान और हाथों में मेहंदी लगी थी। ​जींस और चेकदार फुल शर्ट पहने इस युवती की हत्या कर लाश फेंकी गई है या वह बाढ़ के पानी में बहकर आई है, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस दोनों एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है। पिढ़ौली जमींदारी बांध के पास लड़कों ने देखी लाश ​सुबह करीब 6:30 बजे गांव के कुछ युवा पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी के सिलसिले में दौड़ लगाने और टहलने के लिए डिहबार बाबा थानघाट की तरफ निकले थे। जमींदारी बांध के किनारे जैसे ही युवाओं की नजर पानी के मुहाने पर पड़ी, उन्होंने लाश देखी। युवाओं ने तुरंत शोर मचाया, जिससे देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ​घटना की सूचना पिढ़ौली पंचायत के मुखिया अनुराग कुमार सन्नी को दी गई। मुखिया ने तेघड़ा थानाध्यक्ष क्रांति रमन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। मुखिया अनुराग कुमार सन्नी ने बताया कि सुबह 6:30 बजे दौड़ लगाने वाले बच्चों ने पानी में तैरती बॉडी देखी। चेहरा पानी में होने के कारण पहचान नहीं हो सकी। हुलिए से युवती स्थानीय नहीं लगती, ऐसा प्रतीत होता है कि शव कहीं दूर से पानी के बहाव में बहकर यहां आया है। मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार बोले- शव दो से तीन दिन पुराना लग रहा मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि 15 सितंबर की सुबह पिढ़ौली में गंगा नदी के जमींदारी बांध के किनारे 20-22 वर्षीय अज्ञात युवती का शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया है। प्रथमदृष्टया शव 2-3 दिन पुराना लग रहा है। अनुमान है कि शव पानी के तेज बहाव में कहीं से बहकर यहां पहुंचा है। शव को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। 8 सितंबर को भी चादर में लपेटी मिली थी लाश ​तेघड़ा में दहशत की शुरुआत 8 सितंबर को हुई थी। बिनलपुर गांव में तीन मोहनी से अयोध्या घाट जाने वाले रास्ते के पास गुप्ता बांध के नीचे करीब 2 फीट जमा बरसाती पानी में लोगों ने एक तैरती हुई गठरी देखी। जब पुलिस ने चादर और बिछावन की परतों को खोला, तो अंदर से 25-26 वर्षीय महिला का शव देखकर सब सन्न रह गए। ​महिला के गले पर पड़े गहरे निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उसकी बेरहमी से गला घोंटकर या फंदा लगाकर हत्या की गई थी। मृतका के दोनों हाथों में मेहंदी रची थी। एक हाथ में रक्षासूत्र (कलावा) और दूसरे हाथ में काला धागा बंधा था, जिससे उसके शादीशुदा या किसी अनुष्ठान में शामिल होने की आशंका जताई गई। 72 घंटे तक पहचान की तमाम कोशिशों के बावजूद जब कोई वारिस सामने नहीं आया, तो पुलिस ने नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया। ​एक ही थाना क्षेत्र में 7 दिनों के अंदर दो युवतियों के लावारिस शव मिलने से बेगूसराय के ग्रामीण इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें जोर पकड़ रही है। क्या साइको किलर या ऑनर किलिंग का रैकेट – ​स्थानीय लोगों में यह डर सता रहा है कि क्या शहर या आसपास के इलाकों में कोई ऐसा आपराधिक गिरोह या सिरफिरा कातिल सक्रिय है जो युवतियों को निशाना बना रहा है और पहचान छिपाने के लिए लाशों को बांध किनारे या पानी में फेंक देता है। – ​पुलिस का एक तर्क यह भी है कि मानसून और नदियों में उफान के कारण दूर-दराज के जिलों से बहकर आने वाली लाशें तटबंधों और बांधों के किनारे अटक रही हैं। हालांकि, अगर यह महज हादसा या डूबने का मामला है, तो दोनों ही मामलों में मृतका के परिजनों का अब तक सामने न आना संदेहास्पद है। – ​अपराधी अक्सर हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और पहचान छिपाने के लिए दूसरे थाना क्षेत्रों के सुनसान बांधों और नदी किनारों का इस्तेमाल करते हैं। तेघड़ा पुलिस सभी थानों से गायब लड़कियों (Missing Reports) की सूची खंगाल रही है। ​फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़ने के प्रयास में जुटी है। बांध और मुख्य सड़कों को जोड़ने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतका की तस्वीर आसपास के सभी थानों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में प्रसारित की जा रही है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सदर अस्पताल से बिसरा और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल स्थानीय लोग खौफ के साए में हैं और नजरें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि आखिर इन बेटियों की मौत के पीछे कौन सा सच छिपा है। बेगूसराय के तेघरा में मंगलवार को 7 दिनों के भीतर लड़की की दूसरी लाश मिली है। लड़की की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं ने सुबह करीब 6:30 बजे पानी किनारे पड़ी लाश देखी। करीब 20 वर्षीय युवती ने नीली जींस, चेकदार फुल शर्ट पहनी थी और कमर में स्टॉल लिपटा हुआ था। घटना पिढ़ौली डिहबार बाबा थानघाट के पास जमींदारी बांध के पास की है। इससे पहले 8 सितंबर को बिनलपुर में गड्ढे के पानी में चादर-बिछावन से लपेटी 25 वर्षीय महिला की लाश मिली थी, जिसके गले पर फंदे के गहरे निशान और हाथों में मेहंदी लगी थी। ​जींस और चेकदार फुल शर्ट पहने इस युवती की हत्या कर लाश फेंकी गई है या वह बाढ़ के पानी में बहकर आई है, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस दोनों एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है। पिढ़ौली जमींदारी बांध के पास लड़कों ने देखी लाश ​सुबह करीब 6:30 बजे गांव के कुछ युवा पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी के सिलसिले में दौड़ लगाने और टहलने के लिए डिहबार बाबा थानघाट की तरफ निकले थे। जमींदारी बांध के किनारे जैसे ही युवाओं की नजर पानी के मुहाने पर पड़ी, उन्होंने लाश देखी। युवाओं ने तुरंत शोर मचाया, जिससे देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ​घटना की सूचना पिढ़ौली पंचायत के मुखिया अनुराग कुमार सन्नी को दी गई। मुखिया ने तेघड़ा थानाध्यक्ष क्रांति रमन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। मुखिया अनुराग कुमार सन्नी ने बताया कि सुबह 6:30 बजे दौड़ लगाने वाले बच्चों ने पानी में तैरती बॉडी देखी। चेहरा पानी में होने के कारण पहचान नहीं हो सकी। हुलिए से युवती स्थानीय नहीं लगती, ऐसा प्रतीत होता है कि शव कहीं दूर से पानी के बहाव में बहकर यहां आया है। मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार बोले- शव दो से तीन दिन पुराना लग रहा मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि 15 सितंबर की सुबह पिढ़ौली में गंगा नदी के जमींदारी बांध के किनारे 20-22 वर्षीय अज्ञात युवती का शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया है। प्रथमदृष्टया शव 2-3 दिन पुराना लग रहा है। अनुमान है कि शव पानी के तेज बहाव में कहीं से बहकर यहां पहुंचा है। शव को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। 8 सितंबर को भी चादर में लपेटी मिली थी लाश ​तेघड़ा में दहशत की शुरुआत 8 सितंबर को हुई थी। बिनलपुर गांव में तीन मोहनी से अयोध्या घाट जाने वाले रास्ते के पास गुप्ता बांध के नीचे करीब 2 फीट जमा बरसाती पानी में लोगों ने एक तैरती हुई गठरी देखी। जब पुलिस ने चादर और बिछावन की परतों को खोला, तो अंदर से 25-26 वर्षीय महिला का शव देखकर सब सन्न रह गए। ​महिला के गले पर पड़े गहरे निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उसकी बेरहमी से गला घोंटकर या फंदा लगाकर हत्या की गई थी। मृतका के दोनों हाथों में मेहंदी रची थी। एक हाथ में रक्षासूत्र (कलावा) और दूसरे हाथ में काला धागा बंधा था, जिससे उसके शादीशुदा या किसी अनुष्ठान में शामिल होने की आशंका जताई गई। 72 घंटे तक पहचान की तमाम कोशिशों के बावजूद जब कोई वारिस सामने नहीं आया, तो पुलिस ने नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया। ​एक ही थाना क्षेत्र में 7 दिनों के अंदर दो युवतियों के लावारिस शव मिलने से बेगूसराय के ग्रामीण इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें जोर पकड़ रही है। क्या साइको किलर या ऑनर किलिंग का रैकेट – ​स्थानीय लोगों में यह डर सता रहा है कि क्या शहर या आसपास के इलाकों में कोई ऐसा आपराधिक गिरोह या सिरफिरा कातिल सक्रिय है जो युवतियों को निशाना बना रहा है और पहचान छिपाने के लिए लाशों को बांध किनारे या पानी में फेंक देता है। – ​पुलिस का एक तर्क यह भी है कि मानसून और नदियों में उफान के कारण दूर-दराज के जिलों से बहकर आने वाली लाशें तटबंधों और बांधों के किनारे अटक रही हैं। हालांकि, अगर यह महज हादसा या डूबने का मामला है, तो दोनों ही मामलों में मृतका के परिजनों का अब तक सामने न आना संदेहास्पद है। – ​अपराधी अक्सर हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और पहचान छिपाने के लिए दूसरे थाना क्षेत्रों के सुनसान बांधों और नदी किनारों का इस्तेमाल करते हैं। तेघड़ा पुलिस सभी थानों से गायब लड़कियों (Missing Reports) की सूची खंगाल रही है। ​फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़ने के प्रयास में जुटी है। बांध और मुख्य सड़कों को जोड़ने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतका की तस्वीर आसपास के सभी थानों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में प्रसारित की जा रही है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सदर अस्पताल से बिसरा और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल स्थानीय लोग खौफ के साए में हैं और नजरें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि आखिर इन बेटियों की मौत के पीछे कौन सा सच छिपा है।  

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