बुलंदशहर में शुक्रवार शाम 7:30 बजे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-02) मनोज कुमार सिंह की अदालत ने 2016 के एक डकैती मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने प्रत्येक दोषी को 8-8 वर्ष के कठोर कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला 8 मई 2016 का है। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में नेमपाल सिंह के मुनीम से 2 लाख 20 हजार रुपये नकद और एक लावा कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया गया था। इस संबंध में थाना जहांगीराबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। घटना के लगभग दो महीने बाद, 8 जुलाई 2016 को ही न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया गया था। जिन दोषियों को इस मामले में सजा सुनाई गई है, उनमें यतेन्द्र उर्फ छुटवा उर्फ छोटू (पुत्र नेपाल, निवासी ग्राम गहना गोवर्धनपुर, थाना जहांगीराबाद), भूरा उर्फ हरवीर (पुत्र सुरेश नाई, निवासी ग्राम गहना गोवर्धनपुर, थाना जहांगीराबाद), पूरन (पुत्र ओमप्रकाश उर्फ ओमी धीमर, निवासी ग्राम कुटवाया, थाना ककोड) और सम्पत (पुत्र लाखन सिंह, निवासी ग्राम कपना, थाना जहांगीराबाद) शामिल हैं। इस मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित किया गया था। बुलंदशहर मॉनीटरिंग सेल ने न्यायालय में मजबूत पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दोषियों को सजा मिल सकी। अभियोजन पक्ष से अभियोजक सुरेन्द्र पाल सिंह, विजय कुमार शर्मा, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार कांस्टेबल विनीत त्यागी और कोर्ट मोहर्रिर महिला हेड कांस्टेबल सुनीता सिंह के विशेष प्रयासों से यह सफलता मिली।

