बिहार- समय से एक हफ्ते पहले मानसून की विदाई:आज 8 जिलों में बारिश की संभावना; 6 जिलों के 466 गांव बाढ़ से घिरे

बिहार- समय से एक हफ्ते पहले मानसून की विदाई:आज 8 जिलों में बारिश की संभावना; 6 जिलों के 466 गांव बाढ़ से घिरे

बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई समय से पहले शुरू हो गई है। पटना समेत कई जिलों से मानसून लौट चुका है। आमतौर पर बिहार से मानसून की विदाई 10 से 11 अक्टूबर के आसपास होती है, लेकिन इस बार करीब एक सप्ताह पहले ही मानसून लौट रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 6 से 9 अक्टूबर के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, नेपाल से सटे उत्तर बिहार के 8 जिलों में आज तेज बारिश की संभावना है। फिलहाल किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इधर, राज्य के 6 जिलों के करीब 466 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 8 लाख लोग अब तक बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, करीब 92,730 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सारण में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है। हालांकि, पटना में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। सुपौल से गुजर रही मानसून की वापसी की रेखा मानसून की वापसी की रेखा अब सुपौल से होकर गुजर रही है। इसका मतलब है कि बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे विदा हो रहा है। मानसून की वापसी के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियां भी धीरे-धीरे कमजोर होंगी। हालांकि, स्थानीय मौसमी सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण कुछ जिलों में अभी भी हल्की बारिश हो सकती है। बिहार के ऊपर ट्रफ, बारिश के लिए बना माहौल उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक एक ट्रफ बना हुआ है, जो बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर रहा है। यह सिस्टम वातावरण में नमी बनाए रखने में मदद कर रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इसके अलावा बिहार और आसपास के इलाकों में करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे भी स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। देखें बाढ़ की कुछ तस्वीरें… उत्तर-मध्य बिहार से ओडिशा तक भी ट्रफ उत्तर-मध्य बिहार से उत्तर ओडिशा तक करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और ट्रफ बना हुआ है। यह सिस्टम झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से बिहार के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय है। इसका बिहार पर सीधा प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं रहेगा, लेकिन यह देश के उत्तरी हिस्सों के मौसम में बदलाव ला सकता है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में आज मुख्य रूप से धूप और उमस का असर रहेगा। दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी महसूस होगी। आसमान में कभी-कभी हल्के बादल आ सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है। मानसून की वापसी के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और कमजोर होने की संभावना है। आने वाले हफ्तों में कैसा रहेगा मौसम आने वाले हफ्तों में बिहार में धीरे-धीरे मानसून का असर पूरी तरह कम होगा और मौसम शुष्क होने लगेगा। दिन में धूप और गर्मी बनी रह सकती है, जबकि सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे बदलाव शुरू होगा। हालांकि, स्थानीय सिस्टम बनने पर उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश या गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है। अक्टूबर में मानसून की विदाई के साथ राज्य में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलकर शुष्क होने की ओर जाएगा। बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई समय से पहले शुरू हो गई है। पटना समेत कई जिलों से मानसून लौट चुका है। आमतौर पर बिहार से मानसून की विदाई 10 से 11 अक्टूबर के आसपास होती है, लेकिन इस बार करीब एक सप्ताह पहले ही मानसून लौट रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 6 से 9 अक्टूबर के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, नेपाल से सटे उत्तर बिहार के 8 जिलों में आज तेज बारिश की संभावना है। फिलहाल किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इधर, राज्य के 6 जिलों के करीब 466 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 8 लाख लोग अब तक बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, करीब 92,730 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सारण में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है। हालांकि, पटना में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। सुपौल से गुजर रही मानसून की वापसी की रेखा मानसून की वापसी की रेखा अब सुपौल से होकर गुजर रही है। इसका मतलब है कि बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे विदा हो रहा है। मानसून की वापसी के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियां भी धीरे-धीरे कमजोर होंगी। हालांकि, स्थानीय मौसमी सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण कुछ जिलों में अभी भी हल्की बारिश हो सकती है। बिहार के ऊपर ट्रफ, बारिश के लिए बना माहौल उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक एक ट्रफ बना हुआ है, जो बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर रहा है। यह सिस्टम वातावरण में नमी बनाए रखने में मदद कर रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इसके अलावा बिहार और आसपास के इलाकों में करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे भी स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। देखें बाढ़ की कुछ तस्वीरें… उत्तर-मध्य बिहार से ओडिशा तक भी ट्रफ उत्तर-मध्य बिहार से उत्तर ओडिशा तक करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और ट्रफ बना हुआ है। यह सिस्टम झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से बिहार के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय है। इसका बिहार पर सीधा प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं रहेगा, लेकिन यह देश के उत्तरी हिस्सों के मौसम में बदलाव ला सकता है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में आज मुख्य रूप से धूप और उमस का असर रहेगा। दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी महसूस होगी। आसमान में कभी-कभी हल्के बादल आ सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है। मानसून की वापसी के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और कमजोर होने की संभावना है। आने वाले हफ्तों में कैसा रहेगा मौसम आने वाले हफ्तों में बिहार में धीरे-धीरे मानसून का असर पूरी तरह कम होगा और मौसम शुष्क होने लगेगा। दिन में धूप और गर्मी बनी रह सकती है, जबकि सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे बदलाव शुरू होगा। हालांकि, स्थानीय सिस्टम बनने पर उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश या गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है। अक्टूबर में मानसून की विदाई के साथ राज्य में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलकर शुष्क होने की ओर जाएगा।  

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