बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक स्थिति को लेकर नाराजगी एक बार फिर सामने आई है। नाराज कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से बिहार कांग्रेस के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके लिए कई पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, प्रदेश स्तर के पूर्व पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता 8 सितंबर को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। 10 महीने बीत गए लेकिन कोई जवाब नहीं आया AICC सदस्य आनंद माधव ने कहा कि 3 नवंबर 2025 को हमारी मुलाकात राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई थी तब उस बैठक में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और नासिर हुसैन भी मौजूद थे। हमने बिहार कांग्रेस के अनियमिताओं के बारे में बताया तब उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि बिहार चुनाव खत्म होने के बाद हमारे साथ बैठक करेंगे और सभी बातों पर विचार किया जाएगा। अब 10 महीने बीत चुके हैं, हम लोग बार-बार प्रतिवेदन दे रहे हैं लेकिन कोई समय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए हम लोगों ने तय किया है कि 8 सितंबर को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। बिहार कांग्रेस में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए बिहार कांग्रेस में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि इसी वजह से दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध कांग्रेस पार्टी से नहीं, बल्कि बिहार में पार्टी का संचालन कर रहे मौजूदा नेतृत्व से है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से अपनी बात राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचा रहे हैं। सादाकत आश्रम को लेकर भी उठाए सवाल आनंद माधव ने आरोप लगाया कि बिहार में कांग्रेस संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हुई है और समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय सादाकत आश्रम, जिसे कांग्रेसी अपना मंदिर मानते हैं, वहां दूसरे दलों के लोगों और कथित अराजक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि संगठन सृजन के नाम पर दूसरे दलों के लोगों को पद का प्रलोभन देकर कांग्रेस में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने और इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार के अलग-अलग जिलों से पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, पार्टी के पूर्व पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व से अपील की कि बिहार कांग्रेस के मामले में जल्द हस्तक्षेप किया जाए, ताकि स्थिति और खराब होने से रोकी जा सके। बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक स्थिति को लेकर नाराजगी एक बार फिर सामने आई है। नाराज कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से बिहार कांग्रेस के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके लिए कई पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, प्रदेश स्तर के पूर्व पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता 8 सितंबर को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। 10 महीने बीत गए लेकिन कोई जवाब नहीं आया AICC सदस्य आनंद माधव ने कहा कि 3 नवंबर 2025 को हमारी मुलाकात राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई थी तब उस बैठक में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और नासिर हुसैन भी मौजूद थे। हमने बिहार कांग्रेस के अनियमिताओं के बारे में बताया तब उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि बिहार चुनाव खत्म होने के बाद हमारे साथ बैठक करेंगे और सभी बातों पर विचार किया जाएगा। अब 10 महीने बीत चुके हैं, हम लोग बार-बार प्रतिवेदन दे रहे हैं लेकिन कोई समय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए हम लोगों ने तय किया है कि 8 सितंबर को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। बिहार कांग्रेस में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए बिहार कांग्रेस में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि इसी वजह से दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध कांग्रेस पार्टी से नहीं, बल्कि बिहार में पार्टी का संचालन कर रहे मौजूदा नेतृत्व से है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से अपनी बात राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचा रहे हैं। सादाकत आश्रम को लेकर भी उठाए सवाल आनंद माधव ने आरोप लगाया कि बिहार में कांग्रेस संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हुई है और समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय सादाकत आश्रम, जिसे कांग्रेसी अपना मंदिर मानते हैं, वहां दूसरे दलों के लोगों और कथित अराजक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि संगठन सृजन के नाम पर दूसरे दलों के लोगों को पद का प्रलोभन देकर कांग्रेस में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने और इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार के अलग-अलग जिलों से पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, पार्टी के पूर्व पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व से अपील की कि बिहार कांग्रेस के मामले में जल्द हस्तक्षेप किया जाए, ताकि स्थिति और खराब होने से रोकी जा सके।

