गोरखपुर में जन्माष्टमी पर बच्चा पैदा होने के बाद परिजनों में बेहद उत्साह नजर आया। जिला महिला अस्पताल में आए परिवारों में जिनको बेटा हुआ वे कान्हा पाकर खुश हुए, तो जिनको बेटी हुई उन्होंने राधा रानी का रूप बताया। इस खास मौके पर घंटाघर के एक परिवार में दो जुड़वां बेटियां पैदा हुई। पहली बार दादी बनने वाली सोनमती ने बताया कि मेरे घर एक साथ दो राधा ने जन्म लिया है। हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है। हम राधा रानी के नाम पर दोनों का नाम रखेंगे। मेरी बहू की पहली डिलीवरी थी। हमलोग यही मना रहे थे कि जन्माष्टमी पर ही डिलीवरी हो और यही हुआ। जब पता चला कि जुड़वां बच्चे हैं तो हम एक लड़का और एक लड़की चाह रहे थे। लेकिन दोनों बेटियां ही हुई हैं। हमारे घर की लक्ष्मी आई हैं। परिवार फलेगा- फूलेगा। चाहती थी कि मेरे घर राधा रानी ही आएं- मंदाकिनी
वहीं नौसड़ की मंदाकिनी का कहना है कि मैं यही चाहती थी कि मेरे घर राधा रानी ही आएं। मेरा यह दूसरा बच्चा है। हर दिन पूजा करते वक्त यह मनाती थी कि जन्माष्टमी पर ही मेरी डिलीवरी हो। आज दिन में 12 बजकर 30 मिनट पर जब बेटी पैदा हुई तो बहुत खुशी दोगुनी हो गई। भगवान ने मेरी सुन ली। हमारे घर कान्हा जी आएं-वंदना वहीं नौसड़ की ही वंदना ने बताया कि मेरी लड़की सुधा को पहला बेटा हुआ है। जन्माष्टमी पर हमारे घर कान्हा जी आएं हैं। पूरा परिवार बहुत ही खुश है। बेटे के रूप में भगवान का आशीर्वाद हमारे परिवार को मिला है। इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। हम लोग यही मना रहे थे कि आज ही डिलीवरी हो और दिन में 1 बजकर 9 मिनट पर बच्चा पैदा हुआ। जिला महिला अस्पताल में जन्में 27 बच्चे
SIC डॉ. अनिल झा ने जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में 27 बच्चों ने जन्म लिया। जिनमें 11 ( 5 लड़कियां और 6 लड़कियां ) नॉर्मल और 16 ( 8 लड़के और 8 लड़कियां ) सिजेरियन से पैदा हुई। सभी मां और नवजात दोनों ठीक हैं।

