जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में मंगलवार सुबह बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। 11 केवी हाईटेंशन लाइन से लोहे का पोल टकराने के बाद उसमें करंट फैल गया, जिसकी चपेट में 7 मजदूर आ गए। हादसे में आलेख भगत और टामन ध्रुव की मौत हो गई। वहीं त्रिभुवन ध्रुव और लोचन मांझी गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि तीन अन्य मजदूरों की हालत सामान्य बताई गई है। ट्रैक्टर से नया पोल खड़ा करते समय हुआ हादसा घटना गुडलक पेट्रोल पंप के सामने हुई। मजदूर ट्रैक्टर की मदद से पुराने पोल की जगह नया लोहे का पोल लगा रहे थे। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन से छू गया। लाइन के संपर्क में आते ही पूरे पोल में करंट फैल गया और मजदूर इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को पत्थलगांव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो मजदूरों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। बिजली बंद और परमिट को लेकर अलग-अलग दावे हादसे के बाद पोल लगाने के लिए परमिट और बिजली लाइन बंद होने को लेकर सवाल उठे हैं। घायल मजदूरों का कहना है कि मौके पर मौजूद लाइनमैन ने उन्हें बताया था कि परमिट लिया जा चुका है और बिजली बंद है। इसी जानकारी के आधार पर वे पोल खड़ा करने के काम में जुटे थे। दूसरी ओर, पत्थलगांव के सहायक अभियंता केके देशमुख ने बताया कि परमिट के लिए विभाग को किसी तरह की सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि परमिट की प्रक्रिया क्या थी और बिजली लाइन बंद करने से संबंधित नियमों का पालन हुआ था या नहीं। सुरक्षा इंतजामों पर भी उठे सवाल मजदूरों ने विद्युत कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कथित तौर पर उचित परमिट और ब्रेकडाउन के बिना पोल शिफ्टिंग का काम कराया जा रहा था। मजदूरों के अनुसार, यह काम ठेकेदार रामसिंग साहू, थाना बागबहरा, जिला महासमुंद और सौरभ अग्रवाल, निवासी पत्थलगांव के माध्यम से कराया जा रहा था। हालांकि इस संबंध में संबंधित ठेकेदारों का पक्ष सामने नहीं आया है। अस्पताल में नारेबाजी, मुआवजे और कार्रवाई की मांग हादसे के बाद घायलों को अस्पताल लाए जाने पर साथी मजदूरों और मृतकों के परिजनों ने नारेबाजी कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने हादसे की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। अस्पताल परिसर में कुछ समय तक इसी मांग को लेकर माहौल गरम रहा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। एसडीएम ने मौके का निरीक्षण किया हादसे की सूचना मिलते ही पत्थलगांव एसडीएम क्षितिज गुरभेले घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली। एसडीएम ने कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की जांच में बिजली आपूर्ति की स्थिति, परमिट प्रक्रिया, पोल लगाने के दौरान अपनाए गए सुरक्षा उपाय और संबंधित लोगों की भूमिका को देखा जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच पत्थलगांव एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल ने दो मजदूरों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच रही है कि हादसे के समय बिजली लाइन बंद थी या नहीं और पोल शिफ्टिंग के लिए निर्धारित अनुमति तथा सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। दोनों मृतकों के शव आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं। पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

