इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहुचर्चित बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के ड्राइवर राम सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने राम सिंह के अधिवक्ता को सुनकर सह अभियुक्तों से समानता और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा की कि किसी मामले में जमानत का ठोस आधार बनता है तो किसी अभियुक्त को केवल उसके आपराधिक इतिहास के आधार पर जेल में नहीं रखा जा सकता। राम सिंह के खिलाफ कानपुर नगर के चौबेपुर थाने में दर्ज मुकदमे में आरोप तय हुए हैं।
दलीलों को कोर्ट ने खारिया किया याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी के आपराधिक इतिहास से जुड़े मामलों को स्पष्ट कर दिया गया है। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले को छोड़कर वह अन्य सभी मामलों में पहले से जमानत पर है। गैंगस्टर एक्ट के जिस मामले में वह दोषी ठहराया गया था, उसमें उसी के समान भूमिका वाले अन्य सह अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि मामले के अन्य समान भूमिका वाले सह अभियुक्त रामू बाजपेई उर्फ रवेंद्र कुमार और शिव तिवारी उर्फ आशुतोष त्रिपाठी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने शर्तो के साथ जमानत मंजूर करते हुए कहा कि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त किए बिना, प्रथम दृष्टया याची जमानत का हकदार है।

