रोहतक में जिला बार एसोसिएशन के चुनाव से पहले ही राजनीति गर्मा गई है। 8 बार के पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट व पूर्व प्रधान अरविंद श्योराण ने चुनाव अधिकारी पर गड़बड़ी करने के आरोप लगाए है। जबकि चुनाव अधिकारी ओमप्रकाश पूनिया ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष चुनाव करवाने की बात कही। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान अरविंद श्योराण ने कहा कि प्रधान पद का प्रत्याशी था, लेकिन मजबूर होकर आज नामांकन वापस लेना पड़ा। पिछले साल भी एक षड़यंत्र के तहत चुनाव लड़ने से रोका गया था। लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया में 15 सितंबर की तारीख सुनवाई के लिए लगी थी, जिसे बदलवा कर 7 सितंबर शाम 5 बजे का नोटिस रात को दिया गया। अरविंद श्योराण ने कहा कि चुनाव अधिकारी व वर्तमान प्रधान दुर्भावना पूर्ण तरीके से काम कर रहे है। पिछली बार की तरह ही खुद जीतना चाहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। उनके षड़यंत्र से बाहर निकलकर 11 सितंबर के चुनाव में सत्य की जीत होगी। पारदर्शी तरीके से नहीं होगा चुनाव
बार एसोसिएशन के 8 बार के पूर्व प्रधान लोकेंद्र सिंह फौगाट ने कहा कि बार के चुनाव पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहे। पिछली बार भी भय का माहौल बनाकर चुनाव करवाया गया। फर्जी आईकार्ड बनाने के आरोपी, फाइनेंस के आरोपी, जिसके साथ चीफ जस्टिस ने भी मंच साझा करने से मना कर दिया, उसे एक षड़यंत्र रचकर प्रधान बनाया गया। लोकेंद्र सिंह फौगाट ने कहा कि बार काउंसिल हरियाणा के चुनाव में षड़यंत्र रचने वालों को हार का सामना करना पड़ा। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन ने बार एसोसिएशन का माहौल खराब कर रखा है। राजनीति के कारण उनकी वोट काटी गई है। झूठे आरोप लगाए गए है। FIR में बाद में धाराएं जोड़ी गई है, लेकिन वह हार मानने वाले नहीं है। पहले वोट हटती थी, अब तो प्रत्याशी ही हटा रहे
प्रधान पद के उम्मीदवार हरिस्वरूप हुड्डा ने कहा कि पहले तो कुछ वोटों की हेराफेरी होती थी, लेकि अब तो पूरा प्रत्याशी ही हटा रहे है। पिछली बार अरविंद श्योराण को बाहर कर दिया। इस बार पहले से सचेत थे, इसलिए एक नामांकन अतिरिक्त भरवाया गया। हमारे अधिकारों पर प्रहार किया है। 11 सितंबर को मतदान है और वोटर लिस्ट तक जारी नहीं की। हरिस्वरूप हुड्डा ने कहा कि नामांकन से पहले वोटर लिस्ट जारी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक नहीं की। चुनाव में गड़बड़ी होने की पूरी संभावना है। लेकिन वकील वोट की चोट से जवाब देंगे। पहले तो चुनाव में हारने का डर होता था, अब तो डर यह रहता है कि पर्चा भी रहेगा या नहीं। निष्पक्ष तरीके से होगा चुनाव
चुनाव अधिकारी ओमप्रकाश पूनिया ने कहा कि निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवाए जाएंगे। सिर्फ उनके वोट काटे गए है जो गलत थे या जो सरकारी नौकरी पर लगे थे। एक उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया है वो भी अपनी मर्जी से लिया है। 31 मई 2026 को बार एसोसिएशन की मीटिंग में लोकेंद्र फौगाट को डी-बार किया गया था। चुनाव अधिकारी ने कहा कि लोकेंद्र फौगाट ने सुप्रीम कोर्ट में भी चुनाव लड़ने की परमिशन मांगी थी, वो नहीं मिली। वोटर लिस्ट में लोकेंद्र फौगाट ने ही हाईकोर्ट में याचिका लगा रखी है कि उसे वोट डालने का अधिकार दिया जाए, कल उसमें सुनवाई होनी है। उसके बाद वोटर लिस्ट जारी कर दी जाएगी। फर्जी वोट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

