बारकोड प्रिंटर की जगह थमा दिया पॉकेट प्रिंटर:90 मॉडल स्कूलों की लैब को आधुनिक बनाने के लिए हुई खरीद में गड़बड़ी

बारकोड प्रिंटर की जगह थमा दिया पॉकेट प्रिंटर:90 मॉडल स्कूलों की लैब को आधुनिक बनाने के लिए हुई खरीद में गड़बड़ी

झारखंड के 90 मॉडल स्कूलों की प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक बनाने के नाम पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के माध्यम से इन स्कूलों में प्रयोगशाला सामग्री और तकनीकी उपकरणों की खरीद की गई। लेकिन कंपनी ने बेहद सस्ते और घरेलू उपयोग के छोटे-मोटे खिलौनानुमा उपकरण थमा दिए। स्कूलों को वैक्यूम क्लीनर की जगह कार वैक्यूम क्लीनर की आपूर्ति कर दी गई। वहीं बारकोड प्रिंटर की जगह पॉकेट प्रिंटर भेज दिए गए, जो लैब के लिए किसी काम के नहीं हैं। पूरी खरीद प्रक्रिया में दो प्रमुख उपकरणों में हुई गड़बड़ी ने विभागीय मिलीभगत और सप्लायरों की मनमानी की पोल खोल दी है। पूरी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मानकों में हेरफेर: कागजों पर कुछ, स्कूलों में मिला कुछ बारकोड प्रिंटर (क्रम संख्या 28): टेंडर दस्तावेज के अनुसार लैब के लिए थर्मल रीबन प्रिंटिंग तकनीक, पीवीसी प्लास्टिक मैटेरियल और 230वी एसी पावर रेटिंग वाला भारी व्यावसायिक प्रिंटर खरीदा जाना था। इसके स्थान पर कम क्षमता वाला ‘पॉकेट प्रिंटर’ सप्लाई कर दिया गया है, जो लैब के कार्यों के लिए अनुपयोगी है। वैक्यूम क्लीनर (क्रम संख्या 48): तय मानक के अनुसार 106 लीटर प्रति सेकंड एयरफ्लो क्षमता, 50 एमएम नोजल साइज और 2 लीटर कंटेनर कैपेसिटी वाला हैवी-ड्यूटी वैक्यूम क्लीनर सप्लाई होना था। लेकिन इसके स्थान पर गाड़ियों की सफाई में काम आने वाला छोटा ‘कार वैक्यूम क्लीनर’ थमा दिया गया है। झारखंड के 90 मॉडल स्कूलों की प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक बनाने के नाम पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के माध्यम से इन स्कूलों में प्रयोगशाला सामग्री और तकनीकी उपकरणों की खरीद की गई। लेकिन कंपनी ने बेहद सस्ते और घरेलू उपयोग के छोटे-मोटे खिलौनानुमा उपकरण थमा दिए। स्कूलों को वैक्यूम क्लीनर की जगह कार वैक्यूम क्लीनर की आपूर्ति कर दी गई। वहीं बारकोड प्रिंटर की जगह पॉकेट प्रिंटर भेज दिए गए, जो लैब के लिए किसी काम के नहीं हैं। पूरी खरीद प्रक्रिया में दो प्रमुख उपकरणों में हुई गड़बड़ी ने विभागीय मिलीभगत और सप्लायरों की मनमानी की पोल खोल दी है। पूरी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मानकों में हेरफेर: कागजों पर कुछ, स्कूलों में मिला कुछ बारकोड प्रिंटर (क्रम संख्या 28): टेंडर दस्तावेज के अनुसार लैब के लिए थर्मल रीबन प्रिंटिंग तकनीक, पीवीसी प्लास्टिक मैटेरियल और 230वी एसी पावर रेटिंग वाला भारी व्यावसायिक प्रिंटर खरीदा जाना था। इसके स्थान पर कम क्षमता वाला ‘पॉकेट प्रिंटर’ सप्लाई कर दिया गया है, जो लैब के कार्यों के लिए अनुपयोगी है। वैक्यूम क्लीनर (क्रम संख्या 48): तय मानक के अनुसार 106 लीटर प्रति सेकंड एयरफ्लो क्षमता, 50 एमएम नोजल साइज और 2 लीटर कंटेनर कैपेसिटी वाला हैवी-ड्यूटी वैक्यूम क्लीनर सप्लाई होना था। लेकिन इसके स्थान पर गाड़ियों की सफाई में काम आने वाला छोटा ‘कार वैक्यूम क्लीनर’ थमा दिया गया है।  

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