बापूधाम महोत्सव की तारीख पर अधिवक्ता ने उठाए सवाल:गांधी जयंती पर आयोजन की मांग, प्रशासन से मांगा जवाब

बापूधाम महोत्सव की तारीख पर अधिवक्ता ने उठाए सवाल:गांधी जयंती पर आयोजन की मांग, प्रशासन से मांगा जवाब

मोतिहारी में महात्मा गांधी की कर्मभूमि पर आयोजित होने वाले बापूधाम महोत्सव-2026 की तारीख को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिले के अधिवक्ता कुमार अमित ने महोत्सव के आयोजन की तिथि पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। उनका तर्क है कि जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को मनाई जाती है, तो बापू की स्मृतियों से जुड़े इस महोत्सव का आयोजन 1 से 3 सितंबर के बजाय गांधी जयंती से क्यों नहीं किया जा रहा है। 2 अक्टूबर से पूरे महीने चले महोत्सव अधिवक्ता कुमार अमित ने बताया कि मोतिहारी गांधी की कर्मभूमि के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने सुझाव दिया कि बापूधाम महोत्सव की तिथि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर तय की जानी चाहिए। उनका मानना है कि महोत्सव का शुभारंभ 2 अक्टूबर से हो और यह पूरे अक्टूबर माह तक विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जाए, जिससे गांधी के विचारों और चंपारण सत्याग्रह की विरासत को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। तिथि ऐतिहासिक संदर्भ के अनुरूप हो अमित ने सरकारी आयोजनों की तिथि तय करने के आधार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि आयोजन का उद्देश्य गांधी की विरासत का सम्मान करना है, तो इसकी तिथि भी उसी ऐतिहासिक संदर्भ के अनुरूप होनी चाहिए। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और गांधी विचारधारा से जुड़े लोगों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन गांधी मैदान में 1 से 3 सितंबर तक बापूधाम महोत्सव-2026 आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। अधिवक्ता द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद, यह देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देता है और महोत्सव की तिथि पर पुनर्विचार करता है या नहीं। मोतिहारी में महात्मा गांधी की कर्मभूमि पर आयोजित होने वाले बापूधाम महोत्सव-2026 की तारीख को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिले के अधिवक्ता कुमार अमित ने महोत्सव के आयोजन की तिथि पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। उनका तर्क है कि जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को मनाई जाती है, तो बापू की स्मृतियों से जुड़े इस महोत्सव का आयोजन 1 से 3 सितंबर के बजाय गांधी जयंती से क्यों नहीं किया जा रहा है। 2 अक्टूबर से पूरे महीने चले महोत्सव अधिवक्ता कुमार अमित ने बताया कि मोतिहारी गांधी की कर्मभूमि के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने सुझाव दिया कि बापूधाम महोत्सव की तिथि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर तय की जानी चाहिए। उनका मानना है कि महोत्सव का शुभारंभ 2 अक्टूबर से हो और यह पूरे अक्टूबर माह तक विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जाए, जिससे गांधी के विचारों और चंपारण सत्याग्रह की विरासत को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। तिथि ऐतिहासिक संदर्भ के अनुरूप हो अमित ने सरकारी आयोजनों की तिथि तय करने के आधार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि आयोजन का उद्देश्य गांधी की विरासत का सम्मान करना है, तो इसकी तिथि भी उसी ऐतिहासिक संदर्भ के अनुरूप होनी चाहिए। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और गांधी विचारधारा से जुड़े लोगों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन गांधी मैदान में 1 से 3 सितंबर तक बापूधाम महोत्सव-2026 आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। अधिवक्ता द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद, यह देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देता है और महोत्सव की तिथि पर पुनर्विचार करता है या नहीं।  

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