बिहार में नदियां विकराल रूप में है। बाढ़ की स्थिति और भी भयावह हो गई है। लोगों के मोहल्ले और घरों तक पानी आ गया है। ऐसे में कांग्रेस भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उतरी है। पटना-सोनपुर के बीच वाला इलाका भी जलमग्न हो गया है। कांग्रेस सेवा दल की ओर से बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटी जा रही है। यहां तक की कांग्रेसी खुद कम्युनिटी किचन की व्यवस्था कर बाढ़ पीड़ितों के लिए खाना बना रहे हैं। पहले कुछ तस्वीरें देखिए… नाव से घर-घर पहुंचाई राहत सामग्री आलाकमान से निर्देश मिलने पर सेवा दल के कुमार रोहित इसका नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें हमारे नेता से निर्देश मिला है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करें और उन तक जितना हो सके राहत सामग्री पहुंचाएं। उसी क्रम में हमें मध्यवर्ती पंचायत के उपमुखिया सतीश शर्मा से जानकारी मिली कि यहां पर सारा गांव डूबा हुआ है, तो हम नाव से घर-घर राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। यहां लगभग हर घर एक फ्लोर का बना हुआ है, जो बाढ़ के पानी के कारण डूब चुकी है। ऐसे में लोग छतों पर रह रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था राहत पैकेट में चावल, दाल, आटा, चीनी, चना, सोयाबीन, चूड़ा, मीठा, चायपत्ती और नमक सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल है। राहत सामग्री वितरण के साथ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की भी व्यवस्था की गई। आयोजकों के अनुसार, इसमें करीब 200 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई, ताकि बाढ़ की स्थिति में जरूरतमंद परिवारों को तत्काल भोजन उपलब्ध हो सके। बिहार में नदियां विकराल रूप में है। बाढ़ की स्थिति और भी भयावह हो गई है। लोगों के मोहल्ले और घरों तक पानी आ गया है। ऐसे में कांग्रेस भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उतरी है। पटना-सोनपुर के बीच वाला इलाका भी जलमग्न हो गया है। कांग्रेस सेवा दल की ओर से बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटी जा रही है। यहां तक की कांग्रेसी खुद कम्युनिटी किचन की व्यवस्था कर बाढ़ पीड़ितों के लिए खाना बना रहे हैं। पहले कुछ तस्वीरें देखिए… नाव से घर-घर पहुंचाई राहत सामग्री आलाकमान से निर्देश मिलने पर सेवा दल के कुमार रोहित इसका नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें हमारे नेता से निर्देश मिला है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करें और उन तक जितना हो सके राहत सामग्री पहुंचाएं। उसी क्रम में हमें मध्यवर्ती पंचायत के उपमुखिया सतीश शर्मा से जानकारी मिली कि यहां पर सारा गांव डूबा हुआ है, तो हम नाव से घर-घर राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। यहां लगभग हर घर एक फ्लोर का बना हुआ है, जो बाढ़ के पानी के कारण डूब चुकी है। ऐसे में लोग छतों पर रह रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था राहत पैकेट में चावल, दाल, आटा, चीनी, चना, सोयाबीन, चूड़ा, मीठा, चायपत्ती और नमक सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल है। राहत सामग्री वितरण के साथ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की भी व्यवस्था की गई। आयोजकों के अनुसार, इसमें करीब 200 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई, ताकि बाढ़ की स्थिति में जरूरतमंद परिवारों को तत्काल भोजन उपलब्ध हो सके।

