राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है, लेकिन डबल इंजन की सरकार राहत पहुंचाने में फेल है। बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजन में आग लगी हुई है। राज्य सरकार का खजाना खाली हो चुका है और इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं। बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से विशेष पैकेज देने की मांग की। इसको लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। बिहार में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग तेजस्वी यादव ने बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि 2007 में जब बाढ़ आई थी, तब केंद्र में UPA सरकार थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी बिहार आए थे। बाढ़ राहत को लेकर आर्थिक मदद भी की थी। लालू प्रसाद यादव उन्हें बिहार लेकर आए थे। बिहार में बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री पर साधा निशाना बिहार को विशेष मदद देने की मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। बिहार में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसदों का कोई काम नहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कोई काम के नहीं हैं। बिहार के सांसद और केंद्रीय मंत्री कोई काम का नहीं है। बिहार के 30 से ज्यादा सांसद, 7 केंद्रीय मंत्री, फिर भी मदद नहीं मिली- तेजस्वी यादव केंद्रीय मंत्रियों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और 7 केंद्रीय मंत्री हैं। इनमें एक कपड़ा वाले मंत्री हैं और एक भेड़ चलाने वाले मंत्री हैं। किसी में इतनी हैसियत नहीं है कि बिहार के लिए सहायता लेकर आएं।’ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है, लेकिन डबल इंजन की सरकार राहत पहुंचाने में फेल है। बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजन में आग लगी हुई है। राज्य सरकार का खजाना खाली हो चुका है और इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं। बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से विशेष पैकेज देने की मांग की। इसको लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। बिहार में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग तेजस्वी यादव ने बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि 2007 में जब बाढ़ आई थी, तब केंद्र में UPA सरकार थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी बिहार आए थे। बाढ़ राहत को लेकर आर्थिक मदद भी की थी। लालू प्रसाद यादव उन्हें बिहार लेकर आए थे। बिहार में बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री पर साधा निशाना बिहार को विशेष मदद देने की मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। बिहार में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसदों का कोई काम नहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कोई काम के नहीं हैं। बिहार के सांसद और केंद्रीय मंत्री कोई काम का नहीं है। बिहार के 30 से ज्यादा सांसद, 7 केंद्रीय मंत्री, फिर भी मदद नहीं मिली- तेजस्वी यादव केंद्रीय मंत्रियों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और 7 केंद्रीय मंत्री हैं। इनमें एक कपड़ा वाले मंत्री हैं और एक भेड़ चलाने वाले मंत्री हैं। किसी में इतनी हैसियत नहीं है कि बिहार के लिए सहायता लेकर आएं।’

