बदायूं के जरीफनगर इलाके में सिलहरी-मदारपुर के बीच एक खेत में मंगलवार दोपहर 12 बजे बाजरे की बालियां इकट्ठा करने गए पिता राम रहीस और उनके दो बेटों पुष्पेंद्र (30), हर्वेन्द्र (19) पर 20 लोगों ने हमला किया। हमलावरों पर लाठी-डंडे, भाले और तमंचों से हमला कर फायरिंग का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने फायरिंग की बात से किया इनकार हमले में तीनों घायल हो गए, जिन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने हालांकि फायरिंग की बात से इनकार किया है और इसे पुराने जमीन विवाद से जुड़ा बताया है। घटना मंगलवार दोपहर 11:30 बजे हुई। राम रहीस बेटों के साथ 110 बीघा खेत में बाजरे की बालियां जमा कर रहे थे। तभी चंदनपुर, रसूलपुर गांवों के 20 लोग लाठी-डंडे, भाले और तमंचों से लैस होकर हमला किया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को दहगवां सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस बोली- फायरिंग नहीं, पुराने जमीन विवाद की पेशबंदी इंस्पेक्टर बाबूराम गौतम ने फायरिंग की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि राम रहीस और उनके पुत्रों का दूसरे पक्ष से जमीन को लेकर पुराना विवाद है। इसी विवाद में आरोपी पक्ष की ओर से पिछले दिनों सहसवान कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इंस्पेक्टर के मुताबिक उसी मुकदमे की पेशबंदी में मारपीट और फायरिंग के आरोप लगाए जा रहे हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच फैसला कराया जा सके। उन्होंने बताया कि घटनास्थल भी सहसवान कोतवाली क्षेत्र में आता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

