बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथित टिप्पणियों को लेकर पंजाब में माहौल गरमा गया है। अमृतसर में ईसाई समुदाय के विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में भाईचारे, इंसानियत और शांति बनाए रखने के संदेश लिखी तख्तियां थीं। ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री मंचों से ‘हालेलुयाह’ जैसे पवित्र शब्द का मज़ाक उड़ा रहे हैं और इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं, जिससे ईसाई धर्म के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर पंजाब का शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल खराब करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया। धार्मिक भवानाएं भड़काने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने के आरोप में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। इसके साथ ही उन्हें पंजाब में ब्लैकलिस्ट करने और राज्य में प्रवेश करते ही गिरफ्तार करने की भी पुरजोर मांग की गई। ईसाई समुदाय ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पुलिस उन्हें एफआईआर (FIR) की आधिकारिक प्रति नहीं सौंपती, उनका यह धरना-प्रदर्शन दिन-रात अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी न होने पर वे भूख हड़ताल और आमरण अनशन शुरू करेंगे तथा इस आंदोलन को पंजाब के हर जिले तक विस्तारित किया जाएगा।

