बागमती-लालबकैया खतरे के निशान से ऊपर:सीतामढ़ी में नदियों का जलस्तर बढ़ा, ढेंग में 26 तो सोनाखान में 35 सेमी पानी, प्रशासन अलर्ट

बागमती-लालबकैया खतरे के निशान से ऊपर:सीतामढ़ी में नदियों का जलस्तर बढ़ा, ढेंग में 26 तो सोनाखान में 35 सेमी पानी, प्रशासन अलर्ट

सीतामढ़ी में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और नेपाल के तराई इलाकों में जारी बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच जारी जलस्तर रिपोर्ट में बागमती समेत कई नदियों के पानी में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। कई जगह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। नदियों और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… ढेंग में दो घंटे में 26 सेंटीमीटर बढ़ा बागमती का पानी जल संसाधन विभाग की दोपहर 2 बजे की रिपोर्ट के अनुसार ढेंग में बागमती नदी का जलस्तर 71.56 मीटर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे यह 71.30 मीटर था। यानी दो घंटे में 26 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। यहां खतरे का निशान 71 मीटर है। सोनाखान में भी खतरे के निशान से ऊपर बागमती सोनाखान में बागमती का जलस्तर 69.05 मीटर से बढ़कर 69.40 मीटर हो गया। यहां खतरे का निशान 68.80 मीटर है। डुब्बाधार में जलस्तर 60.50 से बढ़कर 60.81 मीटर और चंदौली में 58 से बढ़कर 58.20 मीटर दर्ज किया गया। कटौझा में पानी 55.45 मीटर पर स्थिर रहा। झीम नदी का पानी भी तेजी से बढ़ा सोनबरसा में झीम नदी का जलस्तर 80 मीटर से बढ़कर 81 मीटर हो गया है। यहां खतरे का निशान 81.25 मीटर है। सुंदरपुर अधवारा में जलस्तर 58.90 से बढ़कर 59 मीटर और पुपरी में 51.93 से बढ़कर 51.95 मीटर दर्ज किया गया। लालबकैया खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर गोआबारी में लालबकैया नदी का जलस्तर 71.38 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 71.12 मीटर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। तटबंधों की जांच, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश नेपाल और सीतामढ़ी में लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन जलस्तर की निगरानी कर रहा है। तटबंधों की नियमित जांच कराई जा रही है और अधिकारियों को संभावित स्थिति को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल जिले में कहीं भी बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है। सीतामढ़ी में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और नेपाल के तराई इलाकों में जारी बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच जारी जलस्तर रिपोर्ट में बागमती समेत कई नदियों के पानी में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। कई जगह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। नदियों और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… ढेंग में दो घंटे में 26 सेंटीमीटर बढ़ा बागमती का पानी जल संसाधन विभाग की दोपहर 2 बजे की रिपोर्ट के अनुसार ढेंग में बागमती नदी का जलस्तर 71.56 मीटर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे यह 71.30 मीटर था। यानी दो घंटे में 26 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। यहां खतरे का निशान 71 मीटर है। सोनाखान में भी खतरे के निशान से ऊपर बागमती सोनाखान में बागमती का जलस्तर 69.05 मीटर से बढ़कर 69.40 मीटर हो गया। यहां खतरे का निशान 68.80 मीटर है। डुब्बाधार में जलस्तर 60.50 से बढ़कर 60.81 मीटर और चंदौली में 58 से बढ़कर 58.20 मीटर दर्ज किया गया। कटौझा में पानी 55.45 मीटर पर स्थिर रहा। झीम नदी का पानी भी तेजी से बढ़ा सोनबरसा में झीम नदी का जलस्तर 80 मीटर से बढ़कर 81 मीटर हो गया है। यहां खतरे का निशान 81.25 मीटर है। सुंदरपुर अधवारा में जलस्तर 58.90 से बढ़कर 59 मीटर और पुपरी में 51.93 से बढ़कर 51.95 मीटर दर्ज किया गया। लालबकैया खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर गोआबारी में लालबकैया नदी का जलस्तर 71.38 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 71.12 मीटर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। तटबंधों की जांच, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश नेपाल और सीतामढ़ी में लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन जलस्तर की निगरानी कर रहा है। तटबंधों की नियमित जांच कराई जा रही है और अधिकारियों को संभावित स्थिति को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल जिले में कहीं भी बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है।  

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