सावन की दूसरी सोमवारी पर बांका जिले से हजारों डाक बमों का जत्था गंगाजल लेकर बाबा धाम के लिए रवाना हुआ। रविवार देर रात 12 बजे तक कांवरियों का यह समूह डीजे की धुन और भक्ति गीतों पर झूमते हुए आगे बढ़ा। ये डाक बम भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग से होकर रायपुरा केमिकल फैक्ट्री, कटियामा, राजावर, रजौन, पुनसिया बाजार, बाराहाट और बौसी होते हुए गुजरे। हजारों कांवरियों के जत्थे के कारण घंटों तक पूरा मार्ग ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। छतों से डाक बमों पर की गई पुष्प वर्षा रंग-बिरंगे वस्त्रों में सजे डाक बम तेज गति से बाबा धाम की ओर बढ़ रहे थे। सड़क के दोनों ओर स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ी रही। महिला, पुरुष और बच्चे सड़क किनारे खड़े होकर कांवरियों का उत्साह बढ़ा रहे थे। कई स्थानों पर घरों की छतों से भी डाक बमों पर पुष्प वर्षा की गई। रास्ते में बज रहे भक्ति गीतों पर कांवरिये थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे। कांवरियों की सेवा के लिए मार्ग में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में डाक बमों को फल, पानी, नींबू, चाय, गर्म पानी और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही थीं। कई सेवा शिविरों में स्वयंसेवक पूरी रात कांवरियों की सेवा में जुटे रहे, थकान के बावजूद उनका उत्साह बना रहा। कांवरिया मार्ग की तस्वीरें…….
जर्जर मार्ग पर दौड़ने से कांवरियों के पैरों में जख्म हालांकि, इस दौरान जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क ने डाक बमों की परेशानी बढ़ा दी। गड्ढों वाली सड़क पर दौड़ते समय कांवरियों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। लगातार उबड़-खाबड़ मार्ग पर दौड़ने के कारण कई कांवरियों के पैरों में जख्म के निशान भी पड़ गए। इसके बावजूद, उनकी आस्था और भक्ति के आगे यह परेशानी छोटी पड़ गई। डाक बमों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते सीमा क्षेत्र में भारी वाहनों का परिचालन रोक दिया था। इससे कांवरियों को आवागमन में अपेक्षाकृत सुविधा मिली। जर्जर सड़क की चुनौतियों के बावजूद, डाक बम पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबा धाम की ओर बढ़ते रहे। पूरे मार्ग पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।सीमा क्षेत्र पर भारी वाहनों को रोक दिया गया था,ताकि कांवरियों को परेशानी नहीं। सावन की दूसरी सोमवारी पर बांका जिले से हजारों डाक बमों का जत्था गंगाजल लेकर बाबा धाम के लिए रवाना हुआ। रविवार देर रात 12 बजे तक कांवरियों का यह समूह डीजे की धुन और भक्ति गीतों पर झूमते हुए आगे बढ़ा। ये डाक बम भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग से होकर रायपुरा केमिकल फैक्ट्री, कटियामा, राजावर, रजौन, पुनसिया बाजार, बाराहाट और बौसी होते हुए गुजरे। हजारों कांवरियों के जत्थे के कारण घंटों तक पूरा मार्ग ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। छतों से डाक बमों पर की गई पुष्प वर्षा रंग-बिरंगे वस्त्रों में सजे डाक बम तेज गति से बाबा धाम की ओर बढ़ रहे थे। सड़क के दोनों ओर स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ी रही। महिला, पुरुष और बच्चे सड़क किनारे खड़े होकर कांवरियों का उत्साह बढ़ा रहे थे। कई स्थानों पर घरों की छतों से भी डाक बमों पर पुष्प वर्षा की गई। रास्ते में बज रहे भक्ति गीतों पर कांवरिये थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे। कांवरियों की सेवा के लिए मार्ग में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में डाक बमों को फल, पानी, नींबू, चाय, गर्म पानी और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही थीं। कई सेवा शिविरों में स्वयंसेवक पूरी रात कांवरियों की सेवा में जुटे रहे, थकान के बावजूद उनका उत्साह बना रहा। कांवरिया मार्ग की तस्वीरें…….
जर्जर मार्ग पर दौड़ने से कांवरियों के पैरों में जख्म हालांकि, इस दौरान जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क ने डाक बमों की परेशानी बढ़ा दी। गड्ढों वाली सड़क पर दौड़ते समय कांवरियों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। लगातार उबड़-खाबड़ मार्ग पर दौड़ने के कारण कई कांवरियों के पैरों में जख्म के निशान भी पड़ गए। इसके बावजूद, उनकी आस्था और भक्ति के आगे यह परेशानी छोटी पड़ गई। डाक बमों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते सीमा क्षेत्र में भारी वाहनों का परिचालन रोक दिया था। इससे कांवरियों को आवागमन में अपेक्षाकृत सुविधा मिली। जर्जर सड़क की चुनौतियों के बावजूद, डाक बम पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबा धाम की ओर बढ़ते रहे। पूरे मार्ग पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।सीमा क्षेत्र पर भारी वाहनों को रोक दिया गया था,ताकि कांवरियों को परेशानी नहीं।

