विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बांका जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इंस्पायर अवार्ड मानक 2026 के तहत विद्यार्थियों के नामांकन में बांका जिला देश के शीर्ष 15 जिलों में 11वें स्थान पर रहा है। वहीं, बिहार के सभी 38 जिलों में बांका ने दूसरा स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा विभाग, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। इंस्पायर अवार्ड मानक 2026 के लिए जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बांका जिले से कुल 5,690 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। जिले की इस सफलता में सरकारी विद्यालयों की शत-प्रतिशत सहभागिता के साथ-साथ निजी विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय रैंकिंग में देखने को मिला है। देश में उत्तर प्रदेश पहले और बिहार तीसरे स्थान पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में उत्तर प्रदेश पहले, राजस्थान दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर रहा है। बिहार के जिलों में मुजफ्फरपुर ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि 5,690 विद्यार्थियों के नामांकन के साथ बांका दूसरे स्थान पर रहा। राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 15 जिलों में जगह बनाना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस सफलता के पीछे शिक्षा विभाग का मार्गदर्शन, शिक्षा अधिकारियों का सतत अनुश्रवण और विद्यालय स्तर पर किए गए सामूहिक प्रयास प्रमुख रहे हैं। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सभी को शुभकामनाएं दी सरकारी विद्यालयों के साथ निजी विद्यालयों को भी अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया गया। इससे विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक सोच और मौलिक विचारों को सामने लाने का अवसर मिला। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उनके मौलिक एवं नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के जरिए दैनिक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाता है। योजना बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सभी को शुभकामनाएं दी है। सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की जिला गुणवत्ता शिक्षा समन्वयक मनोहर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी बांका जिला देश के शीर्ष जिलों की सूची में शामिल रहा था। इस बार और बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 11वां स्थान प्राप्त करना जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि, शिक्षकों की प्रतिबद्धता और विभागीय समन्वय का परिणाम है। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा फारूक रहमान ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी विज्ञान एवं नवाचार से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की।
बांका की यह उपलब्धि जिले की शैक्षणिक सक्रियता को राष्ट्रीय पहचान देने के साथ ही विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित करती है। विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बांका जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इंस्पायर अवार्ड मानक 2026 के तहत विद्यार्थियों के नामांकन में बांका जिला देश के शीर्ष 15 जिलों में 11वें स्थान पर रहा है। वहीं, बिहार के सभी 38 जिलों में बांका ने दूसरा स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा विभाग, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। इंस्पायर अवार्ड मानक 2026 के लिए जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बांका जिले से कुल 5,690 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। जिले की इस सफलता में सरकारी विद्यालयों की शत-प्रतिशत सहभागिता के साथ-साथ निजी विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय रैंकिंग में देखने को मिला है। देश में उत्तर प्रदेश पहले और बिहार तीसरे स्थान पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में उत्तर प्रदेश पहले, राजस्थान दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर रहा है। बिहार के जिलों में मुजफ्फरपुर ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि 5,690 विद्यार्थियों के नामांकन के साथ बांका दूसरे स्थान पर रहा। राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 15 जिलों में जगह बनाना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस सफलता के पीछे शिक्षा विभाग का मार्गदर्शन, शिक्षा अधिकारियों का सतत अनुश्रवण और विद्यालय स्तर पर किए गए सामूहिक प्रयास प्रमुख रहे हैं। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सभी को शुभकामनाएं दी सरकारी विद्यालयों के साथ निजी विद्यालयों को भी अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया गया। इससे विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक सोच और मौलिक विचारों को सामने लाने का अवसर मिला। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उनके मौलिक एवं नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के जरिए दैनिक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाता है। योजना बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सभी को शुभकामनाएं दी है। सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की जिला गुणवत्ता शिक्षा समन्वयक मनोहर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी बांका जिला देश के शीर्ष जिलों की सूची में शामिल रहा था। इस बार और बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 11वां स्थान प्राप्त करना जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि, शिक्षकों की प्रतिबद्धता और विभागीय समन्वय का परिणाम है। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा फारूक रहमान ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी विज्ञान एवं नवाचार से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की।
बांका की यह उपलब्धि जिले की शैक्षणिक सक्रियता को राष्ट्रीय पहचान देने के साथ ही विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित करती है।

