बहादुरगढ़ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 33 दिनों से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ नगर परिषद और संबंधित विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग की ओर से जारी ताजा पत्र और सूची के अनुसार बहादुरगढ़ में कुल 12 सफाई कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद हड़ताली सफाई कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी संगठन ने विभाग के इस फैसले का विरोध करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। इन 12 कर्मचारियों को किया गया बर्खास्त विभागीय सूची के अनुसार बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में दलबीर पुत्र धूप सिंह, धर्मबीर पुत्र धूप सिंह, सत्यवान पुत्र लखन, वजीर पुत्र हरि सिंह, मीना पत्नी/पति नंदराम, सुषमा पत्नी/पति विनोद, परमिला पत्नी/पति मोनू, राकेश पुत्र जय सिंह, लीलाराम पुत्र श्री किशन, अमित पुत्र महाबीर, राजेंद्र पुत्र फूल सिंह और बलजीत पुत्र भोला राम शामिल हैं। 33 दिन से चल रही है हड़ताल सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 33 दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जा रही है। कर्मचारी संगठन बातचीत के जरिए मांगों का समाधान करने की मांग करता रहा है। संघ प्रधान शिवम चावरिया ने जताया विरोध विभागीय कार्रवाई पर सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान शिवम चावरिया ने सरकार और प्रशासन के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। कर्मचारी पिछले 33 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने के बजाय कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है। शिवम चावरिया ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर मजबूती से डटे रहेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन पीछे नहीं लिया जाएगा। कार्रवाई के बाद बढ़ सकता है विवाद 12 सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद बहादुरगढ़ में कर्मचारी आंदोलन को लेकर स्थिति और गरमाने की संभावना है। एक ओर विभाग ने हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया है, वहीं कर्मचारी संगठन ने कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही है। ऐसे में अब प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठन के अगले कदम पर नजर रहेगी।

