बीजापुर में सार्वजनिक भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सवाल उठाए हैं। CPI ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद से ऐसी गतिविधियों को तुरंत बंद कराने और भवनों को आम जनता के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है। CPI जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने सोमवार को प्रेस बयान जारी कर यह बात कही। कमलेश झाड़ी ने आरोप लगाया कि नगर पालिका क्षेत्र में आम लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए सामुदायिक भवन में लंबे समय से थियेटर चल रहा है। इन भवनों का निर्माण शादी, सामाजिक कार्यक्रम, बैठक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन के सामने स्वामी आत्मानंद स्कूल भी है। इसके बावजूद यहां व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं। इसी तरह सांस्कृतिक भवन में भी व्यापारिक मेले और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां कराई जा रही हैं। निजी फायदे के लिए इस्तेमाल पर सवाल CPI जिला सचिव ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक संपत्ति को निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। झाड़ी ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने अपने समर्थकों को फायदा पहुंचाने के लिए इन भवनों का इस्तेमाल होने दिया है। टैक्स के पैसों से बने हैं भवन झाड़ी ने कहा कि इन सार्वजनिक भवनों का निर्माण आम लोगों के टैक्स के पैसों से हुआ है। इसलिए इनका इस्तेमाल जनता के हित में होना चाहिए, निजी व्यवसाय के लिए नहीं। मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी CPI ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद से मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि सार्वजनिक भवनों को व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त कराया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर CPI ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

