बलरामपुर में समर्थन मूल्य का 311 मीट्रिक टन गेहूं गायब:तीन केंद्रों पर 303 किसानों से होगी पूछताछ, 81 लाख का गबन

बलरामपुर में समर्थन मूल्य का 311 मीट्रिक टन गेहूं गायब:तीन केंद्रों पर 303 किसानों से होगी पूछताछ, 81 लाख का गबन

बलरामपुर में समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीदे गए गेहूं में बड़े गबन का मामला सामने आया है। तुलसीपुर के दो और पचपेड़वा के एक खरीद केंद्र से कुल 311.004 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिला है। इस गेहूं की कीमत 81 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। मामले में एक सचिव को पुलिस ने जेल भेज दिया है, जबकि दो केंद्र प्रभारी अभी फरार हैं। जांच टीम के सामने अब यह बड़ा सवाल है कि गेहूं की इतनी बड़ी मात्रा आखिर कहां गई। टीम यह पता लगा रही है कि क्या वास्तव में किसानों से गेहूं खरीदा गया था या सिर्फ कागजों पर खरीद दिखाकर सरकारी भुगतान कर दिया गया। गायब गेहूं किस व्यापारी को बेचा गया, इसकी भी जांच की जा रही है। टीम किसानों से पूछताछ जांच में तीनों खरीद केंद्रों से जुड़े 303 किसान भी शामिल हैं। टीम किसानों से पूछताछ करके पता लगाएगी कि उन्होंने वास्तव में अपनी उपज इन केंद्रों पर बेची थी या नहीं। आशंका है कि किसानों से गेहूं खरीदे बिना ही कागजों में खरीद दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई और बाद में रकम बांट ली गई। अगर किसानों से गेहूं खरीदा गया था, तो फिर 311.004 मीट्रिक टन गेहूं कहां गया और किस अनाज व्यापारी को बेचा गया, इसका जवाब भी जांच में तलाश किया जा रहा है। इस मामले में आरोपी सचिव श्रीप्रकाश सिंह को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। वहीं, दोनों केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और महेंद्र मणि तिवारी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। गेहूं खरीद में हुए कथित गबन की जांच के लिए चार सदस्यों की एक टीम लगाई गई है। इसके अलावा, सहकारिता विभाग ने भी अलग से दो सदस्यों की जांच टीम बनाई है। सभी बिंदुओं की जांच अधिकारी खरीद से जुड़े दस्तावेजों, किसानों के भुगतान और गेहूं के वास्तविक उठान जैसे सभी बिंदुओं की जांच कर रहे हैं। सहायक आयुक्त और सहायक निबंधक सहकारिता अजय कुमार मौर्य ने बताया कि गेहूं खरीद को लेकर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *