बरेली जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती पॉक्सो एक्ट की शातिर महिला कैदी बुधवार शाम पुलिस अभिरक्षा से चकमा देकर फरार हो गई। कोर्ट में पेशी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे जेल से अस्पताल लाया गया था, जहां वह सुरक्षा में तैनात महिला सिपाहियों को बाथरूम जाने का झांसा देकर रफूचक्कर हो गई। बंदी के भागते ही अस्पताल से लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में घोर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने ड्यूटी पर तैनात दोनों महिला सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, वहीं फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
इज्जतनगर के तुला गांव निवासी 48 वर्षीय ममता देवी पत्नी पप्पू वाल्मीकि के खिलाफ फरीदपुर थाने में पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। वह जिला जेल में बंद थी। 31 अगस्त को उसे विशेष पॉक्सो कोर्ट (एडीजे) में पेशी के लिए लाया गया था। कोर्ट परिसर में अचानक ममता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल सुरक्षा घेरे में जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। बाथरूम जाने का झांसा देकर निकली
अस्पताल में ममता देवी की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए पुलिस लाइन से महिला हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और महिला कांस्टेबल रिंकी को तैनात किया गया था। बुधवार शाम करीब 6 बजे ममता ने दोनों सिपाहियों से बाथरूम जाने की बात कही। इसके बाद वह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर अस्पताल परिसर से भाग निकली। काफी देर तक जब वह नहीं लौटी, तब सिपाहियों को भनक लगी और उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। लापरवाही पर गिरी गाज, टीमें गठित
कैदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस और आला अफसर मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने ड्यूटी में सीधी लापरवाही बरतने पर महिला हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और कांस्टेबल रिंकी को तुरंत सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, फरार अभियुक्ता ममता देवी को दोबारा दबोचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

