पशुओं के गोबर को बायोगैस में बदलकर उसे शुद्ध कर तैयार करेगा बायो-सीएनजी
पालनपुर. बनास डेयरी ने सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से बनासकांठा जिले की धानेरा तहसील के विंछीवाड़ी में नए बायो-सीएनजी प्लांट का आरंभ किया। यह प्लांट पशुओं के गोबर को बायोगैस में बदलकर उसे शुद्ध कर बायो-सीएनजी तैयार करेगा।
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष सह बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन तोशिहिरो सुजुकी ने प्लांट का उदघाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी तथा वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री प्रवीण माली आदि उपस्थित रहे।
गोबर से बनेगा स्वच्छ ईंधन
विंछीवाड़ी प्लांट बनास डेयरी के ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल का हिस्सा है। यहां गोबर से स्वच्छ ईंधन बनेगा। इसके तहत किसानों से एकत्र किए गए गोबर से पहले बायोगैस तैयार की जाएगी। इसके बाद गैस को शुद्ध कर बायो-सीएनजी में बदला जाएगा, जबकि बची हुई स्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जा सकेगा।
चौधरी ने बताया कि बनासकांठा जिले की डीसा तहसील के दामा में शुरू हुए शुरुआती प्लांट की क्षमता 45 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी। अब क्षेत्र में संचालित 4 प्लांटों की संयुक्त क्षमता करीब 340 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई है। थराद और राधनपुर में दो और प्लांट स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर बनासकांठा क्षेत्र में करीब 30 लाख पशुधन उपलब्ध होने के कारण लगभग 100 ऐसे प्लांट स्थापित करने की क्षमता है।
सुजुकी के साथ साझेदारी
सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन तोशिहिरो सुजुकी ने विंछीवाड़ी प्लांट को हरित ऊर्जा के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सुजुकी के साथ बनास डेयरी और एनडीडीबी की साझेदारी से भारत में बायोगैस तकनीक के विस्तार में मदद मिलेगी। यह पहल भारत-जापान सहयोग के तहत देशभर में 1 हजार बायोगैस प्लांट स्थापित करने के लक्ष्य से भी जुड़ी है।
किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर
बायो-सीएनजी मॉडल से पशुपालक किसानों को दूध उत्पादन के अलावा पशु गोबर से अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर तैयार बायो-सीएनजी स्वच्छ ईंधन के विकल्प को बढ़ावा देगा और जैविक खाद से कृषि को भी लाभ मिलेगा। गुजरात सरकार ने राज्य की सहकारी डेयरियों के माध्यम से ऐसे बायो-सीएनजी प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
कृषि मंत्री वाघाणी के अनुसार, बनास डेयरी राज्य की करीब 7 अन्य सहकारी डेयरियों में ऐसे प्लांट स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन देगी। विंछीवाड़ी प्लांट के शुरू होने के साथ बनासकांठा जिला पशुधन अपशिष्ट को नवीकरणीय ऊर्जा में बदलने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

