बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आज ईडी की विशेष अदालत में पेशी हो सकती है। शनिवार को उनकी पेशी नहीं हो सकी थी, जिसके कारण उनके खिलाफ आरोप गठन पर होने वाली सुनवाई टल गई थी। अदालत ने आज शाम चार बजे तक उन्हें वर्चुअल या फिजिकल मोड में अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उनकी उपस्थिति के बाद अदालत मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और आरोप गठन की कार्रवाई पर सुनवाई करेगी। मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना अभी बाकी है। अधिवक्ता ने कहा- संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त थे हेमंत शनिवार को हेमंत सोरेन की ओर से उनके अधिवक्ता ने ईडी की विशेष अदालत में याचिका दाखिल कर व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से पेश होने में असमर्थता जताई थी। अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त हैं, इसलिए शनिवार को अदालत के समक्ष उपस्थित होना संभव नहीं है। उनकी ओर से मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए अगली तारीख निर्धारित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने आवेदन पर विचार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की थी। आज की सुनवाई में उनकी उपस्थिति के बाद आरोप गठन की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। 17 आरोपितों में 16 पर आरोप गठित यह मामला रांची के बड़गाई अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लांड्रिंग से संबंधित है। ईडी की जांच के बाद इसकी सुनवाई विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही है। मामले में 17 आरोपितों में से 16 के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब केवल हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना शेष है। शनिवार को बड़गाई अंचल जमीन फर्जीवाड़े के आरोपित राज कुमार पाहन के खिलाफ भी ईडी कोर्ट में आरोप गठित किया गया। इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। ऐसे में आज की सुनवाई हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत हेमंत सोरेन की ओर से मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक और राहत के लिए हाईकोर्ट का भी रुख किया गया था। हाल में झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही कार्यवाही आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। आज हेमंत सोरेन की पेशी के बाद अदालत आरोप गठन की प्रक्रिया पर सुनवाई करेगी। मामला जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण, दस्तावेजों में हेरफेर और उससे जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों से संबंधित है। अदालत में आरोप गठन के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आज ईडी की विशेष अदालत में पेशी हो सकती है। शनिवार को उनकी पेशी नहीं हो सकी थी, जिसके कारण उनके खिलाफ आरोप गठन पर होने वाली सुनवाई टल गई थी। अदालत ने आज शाम चार बजे तक उन्हें वर्चुअल या फिजिकल मोड में अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उनकी उपस्थिति के बाद अदालत मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और आरोप गठन की कार्रवाई पर सुनवाई करेगी। मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना अभी बाकी है। अधिवक्ता ने कहा- संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त थे हेमंत शनिवार को हेमंत सोरेन की ओर से उनके अधिवक्ता ने ईडी की विशेष अदालत में याचिका दाखिल कर व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से पेश होने में असमर्थता जताई थी। अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त हैं, इसलिए शनिवार को अदालत के समक्ष उपस्थित होना संभव नहीं है। उनकी ओर से मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए अगली तारीख निर्धारित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने आवेदन पर विचार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की थी। आज की सुनवाई में उनकी उपस्थिति के बाद आरोप गठन की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। 17 आरोपितों में 16 पर आरोप गठित यह मामला रांची के बड़गाई अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लांड्रिंग से संबंधित है। ईडी की जांच के बाद इसकी सुनवाई विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही है। मामले में 17 आरोपितों में से 16 के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब केवल हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना शेष है। शनिवार को बड़गाई अंचल जमीन फर्जीवाड़े के आरोपित राज कुमार पाहन के खिलाफ भी ईडी कोर्ट में आरोप गठित किया गया। इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। ऐसे में आज की सुनवाई हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत हेमंत सोरेन की ओर से मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक और राहत के लिए हाईकोर्ट का भी रुख किया गया था। हाल में झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही कार्यवाही आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। आज हेमंत सोरेन की पेशी के बाद अदालत आरोप गठन की प्रक्रिया पर सुनवाई करेगी। मामला जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण, दस्तावेजों में हेरफेर और उससे जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों से संबंधित है। अदालत में आरोप गठन के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

