मधेपुरा के गम्हरिया प्रखंड की बभनी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दाहा में शनिवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) खाने के बाद करीब 60 बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की। इसके बाद अभिभावक आनन-फानन में बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), गम्हरिया लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… खिचड़ी खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की तबीयत छात्र श्रीवास्तव कुमार, रूपक कुमार, साक्षी कुमारी, सरस्वती कुमारी, लक्ष्मी कुमारी और अभिमन्यु कुमार समेत अन्य बच्चों ने बताया कि विद्यालय में खिचड़ी खाने के कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों का दावा है कि भोजन की थाली में मरी हुई छिपकली भी मिली थी। इसके बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। मैडम ने किसी से कुछ नहीं बताने को कहा बच्चों के अनुसार, खिचड़ी में छिपकली मिलने की जानकारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका और रसोइया को दी गई थी। उनका आरोप है कि उन्हें इस बारे में किसी से कुछ नहीं बताने के लिए कहा गया। इसके बाद बची हुई खिचड़ी फेंक दी गई और विद्यालय में तत्काल छुट्टी कर दी गई। बच्चों का यह भी कहना है कि छुट्टी के बाद विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर शिक्षक वहां से चले गए। अभिभावक बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। वे अपने बच्चों को लेकर सीएचसी गम्हरिया पहुंचे। एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र में भी कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। चिकित्सकों ने बच्चों की जांच और उपचार किया। फिलहाल सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है। घर पहुंचने के बाद मिली शिकायत- प्रभारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी ने बताया कि शनिवार दोपहर बच्चों को खिचड़ी परोसी गई थी। भोजन करने के बाद बच्चे अपने-अपने घर चले गए। घर पहुंचने के कुछ देर बाद कई बच्चों के पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की जानकारी मिली। डीपीओ बोले-लापरवाही मिलने पर कार्रवाई मामले में डीपीओ रवि शास्त्री ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति अब सामान्य है। विद्यालय में हुई घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मधेपुरा के गम्हरिया प्रखंड की बभनी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दाहा में शनिवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) खाने के बाद करीब 60 बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की। इसके बाद अभिभावक आनन-फानन में बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), गम्हरिया लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… खिचड़ी खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की तबीयत छात्र श्रीवास्तव कुमार, रूपक कुमार, साक्षी कुमारी, सरस्वती कुमारी, लक्ष्मी कुमारी और अभिमन्यु कुमार समेत अन्य बच्चों ने बताया कि विद्यालय में खिचड़ी खाने के कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों का दावा है कि भोजन की थाली में मरी हुई छिपकली भी मिली थी। इसके बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। मैडम ने किसी से कुछ नहीं बताने को कहा बच्चों के अनुसार, खिचड़ी में छिपकली मिलने की जानकारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका और रसोइया को दी गई थी। उनका आरोप है कि उन्हें इस बारे में किसी से कुछ नहीं बताने के लिए कहा गया। इसके बाद बची हुई खिचड़ी फेंक दी गई और विद्यालय में तत्काल छुट्टी कर दी गई। बच्चों का यह भी कहना है कि छुट्टी के बाद विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर शिक्षक वहां से चले गए। अभिभावक बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। वे अपने बच्चों को लेकर सीएचसी गम्हरिया पहुंचे। एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र में भी कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। चिकित्सकों ने बच्चों की जांच और उपचार किया। फिलहाल सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है। घर पहुंचने के बाद मिली शिकायत- प्रभारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी ने बताया कि शनिवार दोपहर बच्चों को खिचड़ी परोसी गई थी। भोजन करने के बाद बच्चे अपने-अपने घर चले गए। घर पहुंचने के कुछ देर बाद कई बच्चों के पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की जानकारी मिली। डीपीओ बोले-लापरवाही मिलने पर कार्रवाई मामले में डीपीओ रवि शास्त्री ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति अब सामान्य है। विद्यालय में हुई घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

