Baby Brain Development: बच्चे के जन्म के बाद शुरुआती कुछ साल उसके शरीर और दिमाग के विकास के लिए काफी अहम होते हैं। इस दौरान बच्चे को मिलने वाला सही पोषण उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ दिमाग के विकास में भी मदद करता है। अमेरिकी एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के मुताबिक बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों में दिमाग में तेजी से बदलाव और विकास होता है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी शुरुआती वर्षों में सही पोषण और उचित फीडिंग को बच्चे के विकास के लिए जरूरी मानता है। ऐसे में आइए जानते हैं बच्चे के पहले 1000 दिन में सही पोषण क्यों जरूरी है और उसकी डाइट में किन पोषक तत्वों का ध्यान रखना चाहिए।
बच्चे के पहले 1000 दिन क्यों हैं खास?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन गर्भधारण से लेकर उसके दूसरे जन्मदिन तक का समय माना जाता है। इस दौरान बच्चे का दिमाग तेजी से विकसित होता है। करीब दो साल की उम्र तक बच्चे में चलने, बोलने और नई चीजें सीखने जैसी क्षमताएं तेजी से विकसित होती हैं। इस विकास के लिए शरीर को सही पोषण मिलना जरूरी है।
बच्चे के दिमाग के विकास के लिए किन पोषक तत्वों की जरूरत होती है?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार शुरुआती 1000 दिनों में बच्चे के विकास के लिए कई जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनमें कैलोरी, प्रोटीन, आयरन, जिंक, कोलीन, फोलेट, आयोडीन और विटामिन ए, डी, बी6 और बी12 शामिल हैं। इसके अलावा कुछ खास तरह के फैटी एसिड भी जरूरी होते हैं, जो मां के दूध, मछली और कुछ नट्स में पाए जाते हैं।
जन्म के बाद बच्चे के लिए मां का दूध क्यों जरूरी है?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के मुताबिक मां के दूध में बच्चे के लिए जरूरी पोषक तत्वों के साथ कुछ ग्रोथ फैक्टर और खास तरह की कोशिकाएं भी होती हैं, जो बच्चे के विकास में मदद करती हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार जन्म के बाद पहले 6 महीने तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध देने की सलाह दी जाती है। 6 महीने के बाद बच्चे की जरूरत के हिसाब से मां के दूध के साथ धीरे धीरे पौष्टिक पूरक आहार शुरू किया जा सकता है। स्तनपान बच्चे की जरूरत और मां की सुविधा के अनुसार 2 साल या उससे आगे तक भी जारी रखा जा सकता है।
6 महीने के बाद बच्चे की डाइट में पूरक आहार क्यों जरूरी है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 6 महीने के आसपास बच्चे की बढ़ती पोषण जरूरतों को पूरा करने के लिए मां के दूध के साथ पूरक आहार शुरू करना चाहिए। बच्चे की उम्र और खाने की क्षमता के हिसाब से धीरे धीरे अलग अलग तरह के सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य पदार्थ उसकी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
सही पोषण की कमी से विकास पर पड़ सकता है असर
शुरुआती उम्र में बच्चे को पर्याप्त और सही पोषण न मिलने से उसकी सामान्य ग्रोथ और विकास प्रभावित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार जीवन के शुरुआती वर्षों में कुपोषण का असर बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर लंबे समय तक रह सकता है।
बच्चे की डाइट में अलग अलग पौष्टिक चीजें शामिल करें
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार बच्चे के विकास के लिए अलग अलग तरह के स्वस्थ खाद्य पदार्थों से मिलने वाले पोषक तत्व जरूरी हैं। इसलिए बच्चे की उम्र और जरूरत के हिसाब से उसकी डाइट में अलग अलग पौष्टिक चीजें शामिल करनी चाहिए। छह महीने के बाद शुरू किए जाने वाले पूरक आहार में भी विविधता रखना जरूरी है, ताकि बच्चे को अलग अलग पोषक तत्व मिल सकें।
हर बच्चे की डाइट एक जैसी नहीं होती
हर बच्चे की पोषण संबंधी जरूरत एक जैसी नहीं होती। बच्चे की उम्र, विकास और स्वास्थ्य के अनुसार उसकी डाइट अलग हो सकती है। इसलिए बच्चे को क्या और कितनी मात्रा में देना है, इसे लेकर माता पिता बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं। खासकर अगर बच्चे को खाने, वजन बढ़ने या विकास से जुड़ी कोई परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है।

