बक्सर के गंगा घाटों पर नवरात्र के पहले दिन भीड़:कीचड़ और सुरक्षा इंतजामों की कमी से श्रद्धालु नाराज, बिना बैरिकेडिंग के कर रहे स्नान

बक्सर के गंगा घाटों पर नवरात्र के पहले दिन भीड़:कीचड़ और सुरक्षा इंतजामों की कमी से श्रद्धालु नाराज, बिना बैरिकेडिंग के कर रहे स्नान

शारदीय नवरात्र के पहले दिन बक्सर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट और चौसा के महादेवा घाट पर सुबह से ही लोग गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और कलश स्थापना के लिए गंगाजल लिया। हालांकि, घाटों पर कीचड़ और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से श्रद्धालुओं में नाराजगी दिखी। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कई घाटों पर कीचड़ जमा था, जिससे स्नान करना मुश्किल हो रहा था। चौसा के महादेवा घाट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी सबसे गंभीर थी, जहां बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। इससे स्नान के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर सवाल उठे। साफ-सफाई और सुरक्षा पर नहीं दिया ध्यान श्रद्धालुओं ने कहा कि नवरात्र जैसे पर्व पर इतनी भीड़ के बावजूद साफ-सफाई और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने प्रशासन से घाटों की सफाई, फिसलन वाले स्थानों को ठीक करने और बैरिकेडिंग लगाने की मांग की। घाट पर न तो पर्याप्त साफ-सफाई है और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था दिखाई दे रही है। पूरा घाट कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। त्योहारों के दौरान घाटों पर भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। पंडित ने बताया नवरात्र और गंगा स्नान का महत्व घाट पर मौजूद पंडित बिहारी पाण्डेय ने शारदीय नवरात्र के महत्व और गंगा स्नान की धार्मिक मान्यता के बारे में जानकारी दी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। श्रद्धालु गंगा स्नान कर पवित्रता और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं तथा घरों में कलश स्थापना कर नौ दिनों तक चलने वाली देवी आराधना का संकल्प लेते हैं। नवरात्र के पहले दिन उमड़ी भीड़ ने जहां लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया, वहीं घाटों पर सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत भी उजागर कर दी। श्रद्धालुओं की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द आवश्यक इंतजाम करे, ताकि पर्व के दौरान लोग सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान और पूजा-अर्चना कर सकें। शारदीय नवरात्र के पहले दिन बक्सर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट और चौसा के महादेवा घाट पर सुबह से ही लोग गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और कलश स्थापना के लिए गंगाजल लिया। हालांकि, घाटों पर कीचड़ और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से श्रद्धालुओं में नाराजगी दिखी। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कई घाटों पर कीचड़ जमा था, जिससे स्नान करना मुश्किल हो रहा था। चौसा के महादेवा घाट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी सबसे गंभीर थी, जहां बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। इससे स्नान के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर सवाल उठे। साफ-सफाई और सुरक्षा पर नहीं दिया ध्यान श्रद्धालुओं ने कहा कि नवरात्र जैसे पर्व पर इतनी भीड़ के बावजूद साफ-सफाई और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने प्रशासन से घाटों की सफाई, फिसलन वाले स्थानों को ठीक करने और बैरिकेडिंग लगाने की मांग की। घाट पर न तो पर्याप्त साफ-सफाई है और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था दिखाई दे रही है। पूरा घाट कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। त्योहारों के दौरान घाटों पर भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। पंडित ने बताया नवरात्र और गंगा स्नान का महत्व घाट पर मौजूद पंडित बिहारी पाण्डेय ने शारदीय नवरात्र के महत्व और गंगा स्नान की धार्मिक मान्यता के बारे में जानकारी दी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। श्रद्धालु गंगा स्नान कर पवित्रता और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं तथा घरों में कलश स्थापना कर नौ दिनों तक चलने वाली देवी आराधना का संकल्प लेते हैं। नवरात्र के पहले दिन उमड़ी भीड़ ने जहां लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया, वहीं घाटों पर सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत भी उजागर कर दी। श्रद्धालुओं की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द आवश्यक इंतजाम करे, ताकि पर्व के दौरान लोग सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान और पूजा-अर्चना कर सकें।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *