Nisith Pramanik: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन और फर्जी वोटरों को हटाने के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव आयोग पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता निशीथ प्रमाणिक ने उन पर निशाना साधा।
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर दिए गए बयानों पर भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने पलटवार किया है। प्रमाणिक ने ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममता बनर्जी की तबीयत ठीक नहीं है और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर ऐसे बयान दे रही हैं, क्योंकि उन्हें यह कार्रवाई स्वीकार नहीं हो रही है।
निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि भाजपा शांति की राजनीति में विश्वास करती है। उनकी पार्टी की सरकार कानून के शासन और संविधान के अनुसार काम करती है तथा जनता के जनादेश का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा फर्जी या घोस्ट मतदाताओं के सहारे सत्ता में नहीं आई है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने पिछले 15 साल में तीन बार ऐसे मतदाताओं के सहारे सरकार बनाई। प्रमाणिक ने कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की जांच के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की और उन्हें मतदान प्रक्रिया से बाहर किया। उनके मुताबिक यह बंगाल की जनता की जीत है।
भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी इस कार्रवाई और इसके परिणाम को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। इसी वजह से वह चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठा रही हैं। दरअसल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। ममता बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की थी।
इससे साथ ही उन्होंने राज्य में पुराने यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले की मतदाता सूची के आधार पर दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग भी की। ममता ने फेसबुक लाइव के दौरान कहा था कि अब यह साबित हो गया है कि भाजपा और चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लूट लिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर बने रहने तक देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने इसे आजादी की एक और लड़ाई बताते हुए कहा था कि यह लड़ाई समझौता करने वाले CEC और भाजपा के खिलाफ है।

