फैमिली कंट्रोवर्सी में घिरे IPS भानु प्रताप की लव स्टोरी:कोलकाता की लड़की से अफेयर, घर से भागकर शादी, पत्नी बोली-उन्हें अफसर बनाने को मैंने नौकरी छोड़ी

फैमिली कंट्रोवर्सी में घिरे IPS भानु प्रताप की लव स्टोरी:कोलकाता की लड़की से अफेयर, घर से भागकर शादी, पत्नी बोली-उन्हें अफसर बनाने को मैंने नौकरी छोड़ी

‘मैं कोलकाता के एक फैमिली फंक्शन में भानु से मिली थी। वहीं एक दूसरे से हमारा परिचय हुआ और फिर काफी देर तक बात होती रही। उसने अपने बारे में बताया कि वह सिविल सर्विस की तैयारी करेगा और आईपीएस बनेगा। मुझे ये सुनकर बहुत अच्छा लगा इसके बाद वो अपने घर चला गया, लेकिन हमारी बातचीत जारी रही। इस बातचीत में ही हम दोनों को प्यार हो गया और पता नहीं कब हमने शादी करने का फैसला कर लिया। हमारी जाति अलग, क्षेत्र अलग लेकिन हम दोनों का प्यार इतना मजबूत था कि परिवारों के विरोध के बावजूद शादी कर ली।’ ये प्रेम कहानी है बिहार के IPS भानु प्रताप की, जो इन दिनों फैमिली कंट्रोवर्सी में फंसे हुए हैं। उनकी पत्नी ने आईपीएस पर मारपीट करने, बच्ची को उठा ले जाने और उसे एक कमरे में कैद करने का आरोप लगाया है। हालांकि वह उनपर कोई कार्रवाई नहीं चाहती हैं। बस बच्ची से मिलने और पति के साथ रहने की जिद है..। पारिवारिक विवाद के बीच भास्कर रिपोर्टर ने आईपीएस की पत्नी से फोन पर डिटेल बातचीत की। उनकी लव स्टोरी कैसे शुरू हुई? शादी कैसे हुई? कितने साल का प्यार है? अब विवाद क्यों हो रहा है? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… प्यार के लिए घर छोड़ा, फिल्म जैसी है हमारी लव स्टोरी IPS की पत्नी पूजा बताती हैं, ‘12th फेल मूवी की तरह हमारी लव स्टोरी रही है। मुझे मेरे भगवान पर भरोसा था कि मेरा पति एक ना एक दिन जरूर आईपीएस बनेगा। मैं कोलकाता की रहने वाली हूं और ब्राह्मण परिवार से आती हूं। वहीं भानु यूपी के जाट परिवार से। हम दोनों की जाति अलग है। शादी के लिए घरवाले नहीं माने तो मैं कोलकाता से बिना किसी को बताए भानु के पास भरतपुर चली गई। मैंने घर वालों के खिलाफ जाकर भानु से शादी की थी। प्यार के लिए घर छोड़ दिया, अपनों की नाराजगी मोल ली, अपने सपने पीछे छोड़ दिए और संघर्ष के दिनों में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही। कभी 100-150 रुपए वाले वॉलेट से अपनी जरूरतें पूरी की तो कभी पति की पढ़ाई और सपनों के लिए अपने गहने तक बेचने को तैयार हो गईं। मुझे बस एक भरोसा था-जिस इंसान का हाथ पकड़कर कोलकाता से भरतपुर तक चली आई हूं, वह एक दिन जरूर आईपीएस बनेगा और उनका संघर्ष रंग लाएगा और ऐसा ही हुआ भी।’ अब जानिए दोनों की पहली मुलाकात कहां हुई थी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं। शादी के दिन को भानु प्रताप ने बताया था जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल 2019 के मॉक इंटरव्यू के दौरान भानु प्रताप सिंह ने अपने पत्नी का जिक्र किया था। जिसमें उन्होंने अपने सबसे अच्छे पल को याद करते हुए बताया था कि मैं शादीशुदा हूं। जिस दिन मेरी शादी हुई थी उस दिन को मैं अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल मानता हूं। वह हमेशा कहते थे कि मैं मर जाऊंगा लेकिन तुम्हारा साथ नहीं छोड़ूंगा। सुख की संगिनी तो सब होती है, लेकिन तुम मेरी दुख की संगिनी हो। भानु के लिए अपने सपने तोड़ दिए पूजा कहती हैं कि मैं पत्रकार बनना चाहती थी, लेकिन भानु के लिए सारे सपने त्याग दिए। मैं हर सोमवार को व्रत करती हूं और मां दुर्गा की पूजा करती हूं ताकि मेरे पति की उम्र लंबी हो। दुनिया आपको पहाड़ों पर चढ़ा देगी, लेकिन आप नीचे गिरोगे तो उस वक्त कोई काम नहीं आयेगा। पति के सिवा कोई नहीं होता है। मैंने अपने पति के लिए अपने सारे शौक छोड़ दिए। उनके सिवा मैंने कुछ नहीं देखा। अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’ ‘मैं कोलकाता के एक फैमिली फंक्शन में भानु से मिली थी। वहीं एक दूसरे से हमारा परिचय हुआ और फिर काफी देर तक बात होती रही। उसने अपने बारे में बताया कि वह सिविल सर्विस की तैयारी करेगा और आईपीएस बनेगा। मुझे ये सुनकर बहुत अच्छा लगा इसके बाद वो अपने घर चला गया, लेकिन हमारी बातचीत जारी रही। इस बातचीत में ही हम दोनों को प्यार हो गया और पता नहीं कब हमने शादी करने का फैसला कर लिया। हमारी जाति अलग, क्षेत्र अलग लेकिन हम दोनों का प्यार इतना मजबूत था कि परिवारों के विरोध के बावजूद शादी कर ली।’ ये प्रेम कहानी है बिहार के IPS भानु प्रताप की, जो इन दिनों फैमिली कंट्रोवर्सी में फंसे हुए हैं। उनकी पत्नी ने आईपीएस पर मारपीट करने, बच्ची को उठा ले जाने और उसे एक कमरे में कैद करने का आरोप लगाया है। हालांकि वह उनपर कोई कार्रवाई नहीं चाहती हैं। बस बच्ची से मिलने और पति के साथ रहने की जिद है..। पारिवारिक विवाद के बीच भास्कर रिपोर्टर ने आईपीएस की पत्नी से फोन पर डिटेल बातचीत की। उनकी लव स्टोरी कैसे शुरू हुई? शादी कैसे हुई? कितने साल का प्यार है? अब विवाद क्यों हो रहा है? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… प्यार के लिए घर छोड़ा, फिल्म जैसी है हमारी लव स्टोरी IPS की पत्नी पूजा बताती हैं, ‘12th फेल मूवी की तरह हमारी लव स्टोरी रही है। मुझे मेरे भगवान पर भरोसा था कि मेरा पति एक ना एक दिन जरूर आईपीएस बनेगा। मैं कोलकाता की रहने वाली हूं और ब्राह्मण परिवार से आती हूं। वहीं भानु यूपी के जाट परिवार से। हम दोनों की जाति अलग है। शादी के लिए घरवाले नहीं माने तो मैं कोलकाता से बिना किसी को बताए भानु के पास भरतपुर चली गई। मैंने घर वालों के खिलाफ जाकर भानु से शादी की थी। प्यार के लिए घर छोड़ दिया, अपनों की नाराजगी मोल ली, अपने सपने पीछे छोड़ दिए और संघर्ष के दिनों में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही। कभी 100-150 रुपए वाले वॉलेट से अपनी जरूरतें पूरी की तो कभी पति की पढ़ाई और सपनों के लिए अपने गहने तक बेचने को तैयार हो गईं। मुझे बस एक भरोसा था-जिस इंसान का हाथ पकड़कर कोलकाता से भरतपुर तक चली आई हूं, वह एक दिन जरूर आईपीएस बनेगा और उनका संघर्ष रंग लाएगा और ऐसा ही हुआ भी।’ अब जानिए दोनों की पहली मुलाकात कहां हुई थी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं। शादी के दिन को भानु प्रताप ने बताया था जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल 2019 के मॉक इंटरव्यू के दौरान भानु प्रताप सिंह ने अपने पत्नी का जिक्र किया था। जिसमें उन्होंने अपने सबसे अच्छे पल को याद करते हुए बताया था कि मैं शादीशुदा हूं। जिस दिन मेरी शादी हुई थी उस दिन को मैं अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल मानता हूं। वह हमेशा कहते थे कि मैं मर जाऊंगा लेकिन तुम्हारा साथ नहीं छोड़ूंगा। सुख की संगिनी तो सब होती है, लेकिन तुम मेरी दुख की संगिनी हो। भानु के लिए अपने सपने तोड़ दिए पूजा कहती हैं कि मैं पत्रकार बनना चाहती थी, लेकिन भानु के लिए सारे सपने त्याग दिए। मैं हर सोमवार को व्रत करती हूं और मां दुर्गा की पूजा करती हूं ताकि मेरे पति की उम्र लंबी हो। दुनिया आपको पहाड़ों पर चढ़ा देगी, लेकिन आप नीचे गिरोगे तो उस वक्त कोई काम नहीं आयेगा। पति के सिवा कोई नहीं होता है। मैंने अपने पति के लिए अपने सारे शौक छोड़ दिए। उनके सिवा मैंने कुछ नहीं देखा। अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’  

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