महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पिछले दो दिनों में राज्यभर में जांच के दौरान बटर, पनीर और खोया जैसी 95 टन से ज्यादा खाने-पीने की चीजें और 172 लीटर दूध जब्त किया। इनकी कीमत करीब ₹4.45 करोड़ है। FDA के मुताबिक, फेस्टिवल से पहले सुरक्षित और स्वच्छ खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया गया। इस दौरान अहिल्यानगर, पुणे, नासिक और बुलढाणा में इन सभी की जांच की गई। कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 75 किलो बटर जब्त किया अहिल्यानगर में अधिकारियों ने एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 75,368 किलो पाश्चराइज्ड अनसॉल्टेड कुकिंग बटर जब्त किया। इसकी कीमत करीब ₹3.95 करोड़ थी। अधिकारियों को स्टॉक की गुणवत्ता खराब होने और लेबलिंग में गड़बड़ी की आशंका थी। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं और स्टॉक को सील कर दिया गया है। पुणे में FDA अधिकारियों ने दो गाड़ी को रोका, जिनमें फेस्टिवल सीजन में बिक्री के लिए मिलावटी पनीर, खोया और दही ले जाया जा रहा था। फेस्टिवल सीजन 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हो रहा है। कर्नाटक से लाए गए पनीर के बिल भी नहीं मिले अधिकारियों को पता चला कि दूध से बने प्रोडक्ट ऐसे गाड़ी में ले जाए जा रहे थे, जिनमें टेम्परेचर कंट्रोल की सुविधा नहीं थी। कर्नाटक से लाए गए पनीर के बिल भी नहीं मिले। कुछ प्रोडक्ट बिना सील की पॉलीथिन में रखे थे और उन पर सही जानकारी वाले लेबल भी नहीं लगे थे। पहले गाड़ी से 24 सैंपल लिए गए और 7,362 किलो पनीर व अन्य खाने-पीने की चीजें जब्त की गईं, जिनकी कीमत ₹17.15 लाख थी। दूसरी गाड़ी से 12 सैंपल लिए गए और 6,081 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसकी कीमत ₹14.55 लाख थी। FDA ने पुणे, नासिक और बुलढाणा में छापेमारी की महाराष्ट्र में FDA क्यों चर्चा में, नए कमिश्नर के आने के बाद से एक्शन जारी महाराष्ट्र का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA पिछले कुछ महीनों से चर्चा में है। इसकी वजह नए FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे हैं। जिन्होंने पद संभालने के 3 महीने के भीतर 1100 से ज्यादा छापे मारे और 165 लाइसेंस सस्पेंड किए। पूरे प्रदेश में नकली पनीर पर बैन लगाया। हाईकोर्ट की अपनी कैंटीन तक नहीं बख्शी। अब सीधे बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल के ऐड के लिए नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर इन्हें ‘रियल लाइफ सिंघम’ का टैग दिया जा रहा है। ————- ये खबर भी पढ़ें… बॉम्बे हाईकोर्ट बोला-FDA अधिकारी खुद को भगवान समझते हैं क्या:न नियम पढ़ते- न कानून जानते, कार्रवाई कर देते; 5 रेस्टोरेंट को फूड लाइसेंस वापस मिले बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के फूड डिपार्टमेंट के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा, अधिकारी न तो हमारा आदेश समझते हैं, न ही एक्ट। वे अपने नियम तक नहीं पढ़ते। न ही कानून जानते बस कार्रवाई कर देते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
फेस्टिवल सीजन से पहले 95 टन खाने-पीने की चीजें जब्त:कीमत ₹4.45 करोड़; महाराष्ट्र FDA ने लिया एक्शन, कहा-सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी

