बड़वानी जिले में कम बारिश से फसलें खराब होने और गांव में रोजगार नहीं मिलने के कारण पाटी ब्लॉक के ग्रामीण परिवार समेत गुजरात की ओर पलायन कर रहे हैं। रविवार शाम बोकराटा, शिवनी, झरार, बूदी और कंड्रा क्षेत्र से 22 महिला-पुरुष और चार बच्चे तीन वाहनों में गुजरात के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर काम नहीं मिलने और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों को भी साथ ले जाने की मजबूरी पलायन करने वाले परिवारों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं। मजदूरों का कहना है कि बच्चों को गांव में अकेला छोड़ना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें साथ लेकर जाना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी है। ग्रामीणों के मुताबिक पेट पालने की मजबूरी के आगे बच्चों की पढ़ाई रोककर परिवार के साथ ले जाना पड़ रहा है। गोद में बच्चे और आंखों में उम्मीद गुजरात जाने वाले वाहनों में ग्रामीण अपना जरूरी सामान लेकर रवाना हुए। महिलाएं गोद में छोटे बच्चों को संभालती नजर आईं, जबकि पुरुष सिर पर घर-गृहस्थी का सामान रखे हुए थे। वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने से सफर भी असुरक्षित हो रहा है। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि गांव में काम नहीं है तो परिवार का पेट पालने के लिए बाहर जाना मजबूरी है। तस्वीरे देखिए… भौगर्या हाट से पहले घर आने की उम्मीद कंड्रा निवासी जगदीश और बूदी निवासी मोतीलाल ने बताया कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसल खराब हो गई है। गांव में मजदूरी नहीं मिल रही है और दुकानदारों का उधार चुकाना भी मुश्किल हो गया है। दोनों ने बताया कि गुजरात में काम करने के बाद वे फरवरी में भौगर्या हाट के समय वापस लौटेंगे। गांव में रोजगार और राहत की मांग ग्रामीणों ने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने, प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत और खाद्यान्न देने की मांग की है। ग्राम बूदी के सरपंच भादल जमरे ने बताया कि गांवों में पसरा सन्नाटा पलायन की स्थिति बयां कर रहा है। हर सुबह-शाम बस स्टैंडों पर परिवार सामान लेकर बाहर जाते दिखाई दे रहे हैं।

