फसल क्षति पर 4,011 किसानों को 1.92 करोड़ मिले:प्राकृतिक खेती करने वाली 3 महिलाओं को सम्मान, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

फसल क्षति पर 4,011 किसानों को 1.92 करोड़ मिले:प्राकृतिक खेती करने वाली 3 महिलाओं को सम्मान, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

औरंगाबाद समाहरणालय परिसर स्थित नगर भवन में गुरुवार को जिला स्तरीय रबी प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला एवं महिला किसान दिवस-2026 का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को रबी मौसम की कृषि योजनाओं, उन्नत तकनीकों, प्राकृतिक खेती और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 3 महिला किसानों को सम्मानित किया गया। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुई फसल क्षति के मद्देनजर जिले के 4,011 किसानों के बीच 1 करोड़ 92 लाख रुपए की कृषि इनपुट अनुदान राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी गई। फसल क्षति के आकलन और अनुदान वितरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच प्रखंडों के कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों एवं अन्य कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन में सुधार के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। महिला किसानों और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि का विकास केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है। पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने महिला किसानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि कृषि के प्रत्येक चरण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने महिला किसानों से कृषि विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। साथ ही, प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने से टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों, फसल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की जानकारी दी। दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा, 42 हजार किसानों का ऐप पर पंजीकरण जिला कृषि पदाधिकारी ने रबी महाअभियान-2026 के तहत संचालित योजनाओं, बीज वितरण और प्रत्यक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चना, मसूर, मटर, सरसों और तीसी जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। हरा चना सहित दलहनी फसलों के प्रत्यक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित किसानों को एक एकड़ क्षेत्र में खेती के लिए निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। जिले में लगभग 1,096 एकड़ क्षेत्र में प्रत्यक्षण कार्यक्रम संचालित करने की जानकारी दी गई। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न जैसी वैकल्पिक फसलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही दाल मिल और तेल मिल जैसी कृषि आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की योजना है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद में अब तक लगभग 42 हजार किसानों का बिहार कृषि ऐप पर पंजीकरण किया जा चुका है। किसानों से अधिकाधिक संख्या में ऐप से जुड़ने की अपील की गई, ताकि उन्हें कृषि योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सके। कार्यक्रम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, कृषि वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान उपस्थित रहे। औरंगाबाद समाहरणालय परिसर स्थित नगर भवन में गुरुवार को जिला स्तरीय रबी प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला एवं महिला किसान दिवस-2026 का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को रबी मौसम की कृषि योजनाओं, उन्नत तकनीकों, प्राकृतिक खेती और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 3 महिला किसानों को सम्मानित किया गया। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुई फसल क्षति के मद्देनजर जिले के 4,011 किसानों के बीच 1 करोड़ 92 लाख रुपए की कृषि इनपुट अनुदान राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी गई। फसल क्षति के आकलन और अनुदान वितरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच प्रखंडों के कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों एवं अन्य कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन में सुधार के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। महिला किसानों और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि का विकास केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है। पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने महिला किसानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि कृषि के प्रत्येक चरण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने महिला किसानों से कृषि विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। साथ ही, प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने से टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों, फसल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की जानकारी दी। दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा, 42 हजार किसानों का ऐप पर पंजीकरण जिला कृषि पदाधिकारी ने रबी महाअभियान-2026 के तहत संचालित योजनाओं, बीज वितरण और प्रत्यक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चना, मसूर, मटर, सरसों और तीसी जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। हरा चना सहित दलहनी फसलों के प्रत्यक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित किसानों को एक एकड़ क्षेत्र में खेती के लिए निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। जिले में लगभग 1,096 एकड़ क्षेत्र में प्रत्यक्षण कार्यक्रम संचालित करने की जानकारी दी गई। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न जैसी वैकल्पिक फसलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही दाल मिल और तेल मिल जैसी कृषि आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की योजना है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद में अब तक लगभग 42 हजार किसानों का बिहार कृषि ऐप पर पंजीकरण किया जा चुका है। किसानों से अधिकाधिक संख्या में ऐप से जुड़ने की अपील की गई, ताकि उन्हें कृषि योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सके। कार्यक्रम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, कृषि वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान उपस्थित रहे।  

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