हर पंडाल में इमरजेंसी नंबर देना अनिवार्य:त्योहार पर सुरक्षा-ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी तय, पंडालों में सुरक्षा मानकों की होगी जांच

हर पंडाल में इमरजेंसी नंबर देना अनिवार्य:त्योहार पर सुरक्षा-ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी तय, पंडालों में सुरक्षा मानकों की होगी जांच

औरंगाबाद में त्योहार को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां चल रही है। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने गुरुवार को दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ संयुक्त ब्रीफिंग की। इसमें विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थलों का पहले से निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही, पूजा समितियों के साथ बैठक कर विसर्जन की तिथि और समय, स्वयंसेवकों की उपलब्धता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी लेने को कहा गया। सभी पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया। प्रत्येक पंडाल में पूजा समिति के संपर्क नंबर के साथ अग्निशमन सेवा, एम्बुलेंस और जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर प्रदर्शित करने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। सीसीटीवी, ड्रोन और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और आवश्यकतानुसार वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं पर भी नजर रखेगा। भ्रामक, आपत्तिजनक या माहौल बिगाड़ने वाली सूचनाओं के प्रसार पर त्वरित संज्ञान लेने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करें और वरीय पदाधिकारियों को सूचित करें। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर भी सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया। लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध का पालन करने और अशोभनीय-आपत्तिजनक गीतों के प्रसारण पर रोक लगाने को कहा गया। अस्पतालों में मेडिकल टीम, यातायात और रोशनी पर जोर जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को संबंधित अस्पतालों में चिकित्सकों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता करने का निर्देश दिया। रावण दहन कार्यक्रम के दिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया। प्रमुख दर्शन स्थलों और पूजा पंडालों के आसपास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। जिला ट्रैफिक शाखा की ओर से जारी यातायात योजना का सख्ती से पालन कराने और आम लोगों की सुविधा के अनुसार यातायात प्रबंधन करने को कहा गया। बड़े जुलूसों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए जाएंगे। नगर निकाय के अधिकारियों को बैरिकेडिंग, सड़कों की मरम्मत, नालों के रखरखाव और साफ-सफाई से जुड़े कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती, ड्यूटी में लापरवाही पर सख्ती प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए विसर्जन स्थलों पर आवश्यक इंतजाम करने और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया। आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्धारित समय पर ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने और बिना अनुमति अनुपस्थित नहीं रहने का निर्देश दिया। पर्व के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देने को कहा गया। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता विशेष सैदुल हसन खां, अपर समाहर्ता (आपदा), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सदर एवं दाउदनगर के अनुमंडल पदाधिकारी सहित प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। औरंगाबाद में त्योहार को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां चल रही है। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने गुरुवार को दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ संयुक्त ब्रीफिंग की। इसमें विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थलों का पहले से निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही, पूजा समितियों के साथ बैठक कर विसर्जन की तिथि और समय, स्वयंसेवकों की उपलब्धता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी लेने को कहा गया। सभी पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया। प्रत्येक पंडाल में पूजा समिति के संपर्क नंबर के साथ अग्निशमन सेवा, एम्बुलेंस और जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर प्रदर्शित करने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। सीसीटीवी, ड्रोन और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और आवश्यकतानुसार वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं पर भी नजर रखेगा। भ्रामक, आपत्तिजनक या माहौल बिगाड़ने वाली सूचनाओं के प्रसार पर त्वरित संज्ञान लेने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करें और वरीय पदाधिकारियों को सूचित करें। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर भी सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया। लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध का पालन करने और अशोभनीय-आपत्तिजनक गीतों के प्रसारण पर रोक लगाने को कहा गया। अस्पतालों में मेडिकल टीम, यातायात और रोशनी पर जोर जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को संबंधित अस्पतालों में चिकित्सकों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता करने का निर्देश दिया। रावण दहन कार्यक्रम के दिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया। प्रमुख दर्शन स्थलों और पूजा पंडालों के आसपास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। जिला ट्रैफिक शाखा की ओर से जारी यातायात योजना का सख्ती से पालन कराने और आम लोगों की सुविधा के अनुसार यातायात प्रबंधन करने को कहा गया। बड़े जुलूसों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए जाएंगे। नगर निकाय के अधिकारियों को बैरिकेडिंग, सड़कों की मरम्मत, नालों के रखरखाव और साफ-सफाई से जुड़े कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती, ड्यूटी में लापरवाही पर सख्ती प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए विसर्जन स्थलों पर आवश्यक इंतजाम करने और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया। आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्धारित समय पर ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने और बिना अनुमति अनुपस्थित नहीं रहने का निर्देश दिया। पर्व के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देने को कहा गया। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता विशेष सैदुल हसन खां, अपर समाहर्ता (आपदा), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सदर एवं दाउदनगर के अनुमंडल पदाधिकारी सहित प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

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