फर्रुखाबाद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए बाजार में जमकर खरीदारी हो रही है। लोग कोलकाता और मुंबई से आईं लड्डू गोपाल की ड्रेस को खूब पसंद कर रहे हैं। मथुरा और वृंदावन से आई जरीदार पगड़ी, मोती जड़ी अचकन और मुकुट से लड्डू गोपाल को सजाया जाएगा। मथुरा से आए झूलों में कन्हैया झूलेंगे। दुकानों पर लड्डू गोपाल के मुकुट, बांसुरी समेत श्रृंगार का सामान मथुरा और वृंदावन से मंगाया गया है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झांकियां सजाने के लिए भी जरूरी सामान की खूब बिक्री हो रही है। मथुरा की खास पगड़ी और वृंदावन की पारंपरिक अचकन में बाल गोपाल दर्शन देंगे। शहर के प्रमुख बाजार नेहरू रोड और चौक पर स्थित दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी है। इस बार 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की बांसुरी बिक रही है। पिछले साल 10 रुपये वाली बांसुरी भी बिकी थी। मथुरा से आए झूले 200 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक के मिल रहे हैं। आचार्य गोपाल जी ने बताया कि इस साल जन्माष्टमी शुक्रवार को मनाई जा रही है। श्रीकृष्ण जन्म के समय मध्यरात्रि में पूजा का खास महत्व है। निशीथ पूजा का समय लगभग रात 11:55 बजे से 12:40 बजे तक है। पूजन के लिए स्नान कर साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थल पर बाल गोपाल को चौकी पर बैठाकर पंचामृत से स्नान कराएं। उन्हें पीले वस्त्र, मुकुट, माला और आभूषण पहनाकर रोली, अक्षत, फूल, तुलसी दल, माखन-मिश्री और फल चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर श्रीकृष्ण का ध्यान और मंत्र-जाप करें। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के बाद आरती कर प्रसाद बांटें। आचार्य ने यह भी बताया कि भोग में माखन-मिश्री के साथ अपनी क्षमता के अनुसार 56 प्रकार के व्यंजन चढ़ाए जा सकते हैं। दुकानदार राजेश कुमार ने बताया की ₹50 से लेकर ₹1000 तक की ड्रेस उनके पास मौजूद है। कोलकाता मुंबई सहित अन्य स्थानों से भी ड्रेस उनके पास आई हैं। बताया दुकानदारी कुछ हल्की है। नेहरू रोड पर दुकान लगाए महेंद्र वर्मा ने बताया की दुकानदारी हल्की है। बोली उनके पास ₹50 से लेकर ₹250 तक की ड्रेस मौजूद है जो महंगी ड्रेस होती है वह बिक चुकी है। झूले बेच रहे गिरधारी ने बताया कि वह मथुरा से झूलो को लेकर आए हैं। बताया ₹1000 तक का झूला उनके पास मौजूद है। लोग ₹500 तक का झूला पसंद कर रहे हैं। नवी कुमार ने बताया कि वह भी मथुरा से झूलों को लेकर आए हैं। उनके पास ₹2500 तक का झूला मौजूद है दुकानदारी भी ठीक हो रही है।

