पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के फर्जी सर्टिफिकेट से पंजाब पुलिस व हिमाचल प्रदेश के पशु पालन विभाग में नौकरी हासिल की गई। यह खुलासा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) में वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे सर्टिफिकेटों की जांच में हुआ है। दोनों सर्टिफिकेट फर्जी निकले। जिसके बाद बोर्ड ने दोनों कैंडिडेंट को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया है। साथ ही अगली कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। अब जानिए दोनों सर्टिफिकेटों की जांच में कैसे फर्जी निकले हिमाचल से आया सर्टिफकेट फर्जी पाया गया पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हसबैंडरी नाहन से 12वीं कक्षा का एक सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचा था। यह सर्टिफिकेट 2009 का था। इस पर रोल नंबर व करुण कुमार के नाम पर था। जिसमें गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रोपड़ का नाम था। लेकिन जांच में यह खुलासा हुआ कि यह रोल नंबर पटियाला जिले के जगजीत सिंह को जारी किया गया था, जो कि पास हुआ था। करुण कुमार को रोल नंबर जारी ही नहीं किया गया था। ऐसे में यह फर्जी साबित हुआ। सर्टिफिकेट किसी को जारी नहीं किया पंजाब पुलिस ने 12वीं कक्षा साल 2011 में बना सर्टिफिकेट जांच के लिए भेजा गया था। यह सर्टिफिकेट राजबीर सिंह के नाम पर था। जांच में खुलासा हुआ कि यह भी सर्टिफिकेट फर्जी है। क्योंकि जो नंबर इस पर लिखा गया था, वह किसी को जारी नहीं किया गया था। यह असली रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता था। जिसके बाद बोर्ड ने इसे जब्त कर लिया। हर महीने आते है 2000 सर्टिफिकेट यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के केस आए हैं। जब फर्जी सर्टिफिकेट से रेलवे, भारतीय सेना, यूनिवर्सिटी, पासपोर्ट ऑफिस समेत कई जगह नौकरियां हासिल की गईं। हर महीने करीब दो हजार से अधिक सर्टिफिकेट जांच के लिए आते हैं। बोर्ड द्वारा इन मामलों में केवल यह कार्रवाई करता है कि ऐसे लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट करता है। उसके बाद अगली कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखता है।


