फतेहपुर राजकीय महिला महाविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा फर्स्ट इन्नोवेशन चैलेंज’ विषय पर विशेष ओरिएंटेशन और मॉडल प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार सुबह 10 बजे किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने सामाजिक, तकनीकी और पर्यावरणीय समस्याओं पर आधारित क्रियात्मक एवं आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में छात्राओं ने अपने नवाचार के जरिए रोजमर्रा और समाज से जुड़ी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान सुझाए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भी छात्राओं को नवाचार, शोध, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा ग्रेसी विश्वकर्मा ने इंडस्ट्रियल एरिया में कार्बन के कणिकामुक्त धुएं के निस्तारण पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे सराहा गया। बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा प्रीति ने ‘सेव अर्थ’ विषय पर नवाचार के विभिन्न व्यावहारिक उपायों को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके अलावा नाजिश, पिंकी कुमारी, बंदना देवी, आंशिक चौधरी, सानिया और इकरा सहित अनेक छात्राओं ने स्वास्थ्य, पर्यावरण और उद्योग क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए अपने नवीन विचार प्रस्तुत किए। मानविकी के विद्यार्थियों को भी नवाचार में आगे आने की जरूरत कार्यक्रम में डॉ. रमेश कुमार सिंह ने पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है। मानविकी विषयों के विद्यार्थियों को भी समाज सुधार और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार के क्षेत्र में आगे आना चाहिए। डॉ. राज कुमार ने छात्राओं से शोधार्थी प्रवृत्ति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं के प्रति सजग रहकर ही राष्ट्र के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। पर्यावरण और स्वास्थ्य के समाधान में नवाचार पर जोर प्रो. प्रशांत द्विवेदी ने पर्यावरण प्रदूषण, स्वास्थ्य और सतत विकास में नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने केले के तने से सैनेटरी नैपकिन बनाने तथा दिव्यांगजनों के सुलभ जीवन से जुड़े उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप ऐसे होने चाहिए जो सस्ते, सुलभ और मानव हितैषी हों। उन्होंने छात्राओं को समाज की वास्तविक समस्याओं को पहचानकर उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने भी अपने मॉडल और विचारों के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. शकुंतला, डॉ. लक्ष्मीना भारती, डॉ. चारू मिश्रा, डॉ. शालिनी कनौजिया, डॉ. अमित कुमार तिवारी, डॉ. जिया तसनीम, डॉ. बृजेश कुमार पाल, डॉ. प्रगति द्विवेदी एवं डॉ. शिखा की प्रमुख उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को नवाचार और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।

