यूपी के फतेहपुर में सोमवार शाम हुए सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। गैस सिलेंडर ब्लास्ट से फल विक्रेता का 2 मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। जबकि फल विक्रेता और उसके भतीजे समेत 3 बुरी तरह झुलस गए। घटना शाम करीब 5 बजे की है। खाना बनाते समय मकान में आग लग गई। परिवार की महिलाएं चीखते हुए बाहर भागीं। तभी घर में रखे 2 गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि 200 मीटर दूर तक भूकंप जैसा झटका लगा। पड़ोस में बने 2 मकान भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि इन दोनों मकानों में कोई नहीं था। आसपास के 10 से 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन जिन मकानों में विस्फोट हुआ, वह संकरी गली में थे। इस कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाई। तब बुलडोजर को बुलाया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों ने आस-पास के लोगों की मदद ली। फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने लोगों की मदद से मलबे में दबे 8 लोगों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां सुरेश के बेटे कुनाल (19 साल), भतीजे वेद (14 साल) यश (8 साल) और अर्पित (15 साल) ने दम तोड़ दिया। जबकि भतीजे आलोक गुप्ता (23 साल) की देर रात करीब 9:30 बजे मौत हुई है। वह करीब 90 फीसदी झुलस गया था। हादसे में खुद सुरेश गुप्ता (50 साल), उनका भतीजा ओम (7 साल) और भतीजी शिवानी (23 साल) घायल हैं। हादसे के तीन विजुअल देखिए लखनऊ से पहुंची SDRF की टीम हादसे के बाद देर रात लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम पहुची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।घर तक जेसीबी ले जाने के लिए कई घरों के चबूतरे को तोड़कर घटना स्थल तक जेसीबी मशीन पहुची थी। धमका इतना तेज था कि करीब आस पास के 15 घरों में दरार आई है। जिला अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि घर पर रखे गैस सिलेंडर किस गैस एजेंसी का है जांच किया जा रहा है क्योंकि इसके पहले भी एक हादसा गैस सिलेंडर लीकेज होने से आग लगी थी। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया- घायलों को मेडिकल कॉलेज फतेहपुर में भर्ती कराया गया है। गृह स्वामी सुरेश की हालत गंभीर बनी हुई है।

