Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जवाब दिया है। दीपके ने कहा कि अगर सरकार को किसी मामले में गड़बड़ी का शक है, तो आरोप लगाने के बजाय उसकी जांच करानी चाहिए। उन्होंने पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जब सरकार के पास जांच कराने के लिए एजेंसियां हैं, तो फिर आरोप लगाने की जरूरत क्यों है?
दीपके ने यह बात महाराष्ट्र के हिंगोली में फडणवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कही। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि राज्य की सत्ता उनके पास है और किसी मामले में संदेह होने पर जांच कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, आरोप लगाने से किसी मामले की सच्चाई सामने नहीं आती। इसके लिए जरूरी है कि मामले की जांच हो और उसके नतीजे जनता के सामने रखे जाएं।
बीजेपी की राजनीति पर भी साधा निशाना
दीपके ने अपनी बात रखते हुए बीजेपी की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस और उनकी पार्टी कई दशकों तक विपक्ष में रही है, लेकिन अब भी उनकी राजनीति में आरोप लगाने वाली सोच दिखाई देती है।
दीपके की इस टिप्पणी का सीधा निशाना फडणवीस का रवैया था। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने वालों को किसी मामले पर सवाल उठाने के साथ-साथ उसकी जांच कराने की दिशा में भी कदम उठाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर कोई आरोप सही है, तो जांच से यह साफ हो सकता है और अगर आरोप गलत हैं, तो स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
प्रदर्शन को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
फडणवीस और दीपके के बीच राजनीतिक बयानबाजी का यह पहला मामला नहीं है। CJP के प्रदर्शन को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच सवाल-जवाब हो चुके हैं। 7 अक्टूबर को दीपके ने महाराष्ट्र पुलिस की ओर से CJP समर्थकों को दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने जाने से पहले नोटिस दिए जाने पर सवाल उठाए थे।
उस समय दीपके ने फडणवीस पर निशाना साधते हुए पूछा था कि वह महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसी राजनीति क्यों करना चाहते हैं। यह टिप्पणी प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे समर्थकों को नोटिस दिए जाने के संदर्भ में आई थी। अब हिंगोली में दिए गए ताजा बयान में दीपके ने जांच एजेंसियों का हवाला देकर मुख्यमंत्री से सवाल किया है।

