प्रयागराज में जिस जमीन पर कभी माफिया अतीक अहमद का दबदबा होता था, वहां अब आवासीय योजना विकसित की जाएगी। कसारी-मसारी स्थित इस जमीन का इस्तेमाल अतीक अपने घोड़ों को रखने और बेटों को घुड़सवारी सिखाने के लिए करता था। यहां 40 से ज्यादा घोड़े बांधे जाते थे और रेस भी लगाई जाती थी। यह जमीन प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की है। आरोप है कि अतीक के प्रभाव के चलते लंबे समय तक प्राधिकरण इस पर कब्जा नहीं ले सका। अब जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर यहां 14 मंजिला अपार्टमेंट बनाने की तैयारी है। जिसमें 602 फ्लैट बनेंगे। सीएम बृहस्पतिवार को इस परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। अब पढ़िए पूरा मामला
कसारी-मसारी की यह जमीन अतीक अहमद के पुश्तैनी घर से 100 मीटर की दूरी पर है। जमीन पर कोई पक्का निर्माण नहीं कराया गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल अतीक अपने घोड़ों को बांधने और अपने बेटों को घुड़सवारी सिखाने के लिए करता था। एक समय यहां 40 से ज्यादा घोड़े बांधे जाते थे। सरकारी जमीन पर इस तरह लंबे समय तक कब्जा बने रहना माफिया के उस रसूख को भी दर्शाता है, जिसके चलते संबंधित विभाग कार्रवाई करने से बचते रहे। गुंडई के बल पर कर रखा था कब्जा
शहर पश्चिमी के भाजपा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया- अतीक अहमद ने इस जमीन पर लंबे समय तक गुंडई के बल पर कब्जा कर रखा था। यहां उसके घोड़े बांधे जाते थे और उसके बेटों को घुड़सवारी की ट्रेनिंग दी जाती थी। पिछली सरकारों में माफिया का रसूख ही था कि जमीन पीडीए की होने के बावजूद प्राधिकरण लंबे समय तक इस पर अपना कब्जा नहीं ले पाया। माफिया के डर से दूर रहा प्राधिकरण
इस मामले में सबसे अहम पहलू यह रहा कि जमीन सरकारी होने के बावजूद उस पर प्राधिकरण का नियंत्रण नहीं था। अतीक के प्रभाव के चलते पीडीए इस जमीन को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। जमीन पर किसी बड़ी इमारत का निर्माण नहीं हुआ, लेकिन इसका इस्तेमाल निजी तौर पर किया जाता रहा। सिद्धार्थनाथ सिंह के अनुसार, योगी सरकार आने के बाद माफिया को नेस्तानाबूत करने का अभियान शुरू हुआ। इसी क्रम में करीब 6 महीने पहले पीडीए आखिरकार इस जमीन को भी मुक्त कराया गया। जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सीएम योगी तक पहुंचाया गया। इसके बाद जमीन को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन और पीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन को कब्जे में लिया। अब इसी जमीन पर बनेंगे 602 फ्लैट
करीब 9,811 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली इस जमीन पर अब पीडीए पद्मलोक आवास योजना विकसित करेगा। यहां 14 मंजिला अपार्टमेंट बनाया जाएगा, जिसमें दो बेडरूम, हॉल और किचन (2 बीएचके) वाले कुल 602 फ्लैट प्रस्तावित हैं। कभी जिस जमीन का इस्तेमाल अतीक अपने घोड़ों को रखने और बेटों को घुड़सवारी सिखाने के लिए करता था, वहां अब लोगों के लिए आवास तैयार किए जाएंगे। विधायक बोले- दृढ़ इच्छाशक्ति से साफ हुआ रास्ता
शहर पश्चिमी विधायक ने कहा- इस जमीन पर आवासीय योजना विकसित कराने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। इस दौरान माफिया, भूमाफिया और उनके गुर्गों से खुलकर मोर्चा लेना पड़ा। कई बार अलग-अलग तरह की चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखे। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और दृढ़ इच्छाशक्ति से ही जमीन को कब्जामुक्त कराकर यहां आवासीय योजना विकसित करने का रास्ता साफ हो सका। वह यह भी कहते हैं कि जिस जगह पर कभी माफिया का प्रभाव रहा हो, वहां आज सरकारी आवासीय योजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमिपूजन करने जा रहे हैं। उनके लिए यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों के लिए इस जमीन पर आवासीय योजना बनवाने का सपना पूरा होना उनके लिए इससे बड़ी उपलब्धि नहीं हो सकती। विधायक ने इसके लिए मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति को सबसे अहम कारक बताया।

