प्रदेश कैबिनेट ने मंडल के सबसे बड़े एसआरएन अस्पताल के विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे भविष्य में जनता सीधे महात्मा गांधी मार्ग (एमजी मार्ग) से अस्पताल में प्रवेश कर सकेगी। यह निर्णय अस्पताल के शेष उपलब्ध भूमि पर प्रस्तावित मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए लिया गया है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वी.के. पांडेय ने बताया कि अस्पताल के विस्तार के लिए कुल 50,000 वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता थी। पहले चरण में 18,700 वर्गमीटर का पट्टा मिल चुका था, जिस पर 7,362 वर्गमीटर पर पहले से निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद बचे हुए 31,300 वर्गमीटर जमीन के आवंटन का मार्ग स्वच्छ हो गया है। प्राचार्य ने कहा कि सीएवी इंटर कॉलेज की जमीन को छोड़कर बाकी सारी भूमि एसआरएन में शामिल कर ली जाएगी, जिससे एमजी मार्ग से सीधे पहुंच संभव हो सकेगी। ध्वस्तीकरण का काम भी शुरू होगा। अस्पताल परिसर में स्थित महिला शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण कॉलेज के जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण किया जाएगा ताकि प्रस्तावित ट्रॉमा एल-वन सेंटर का निर्माण शुरू किया जा सके। 49 करोड़ रुपये की लागत वाले इस ट्रॉमा सेंटर के लिए शासन ने 15.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है। उच्च न्यायालय ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया था। अब शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि संबंधित जमीन विभागों से समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवा कर परियोजना में तेजी लाई जाए।


