प्रतापगढ़ जिले में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने 26 करोड़ 32 लाख रुपए मंजूर किए हैं। इस बजट से जिले में 512 विद्युत विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें जर्जर बिजली के तार बदलने, पुराने और खराब ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत, उनकी क्षमता बढ़ाने और बिजली आपूर्ति से जुड़ी अन्य कमियों को दूर करने का काम शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, इन कार्यों के पूरा होने के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। खासकर ओवरलोडिंग, बार-बार होने वाले फाल्ट और कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। स्वीकृत धनराशि से ऐसे इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जाएगा, जहां बिजली के तार लंबे समय से जर्जर हैं या ट्रांसफॉर्मर लगातार खराब हो रहे हैं। पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ जरूरत के मुताबिक नए उपकरण भी लगाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि जर्जर तारों और कमजोर विद्युत ढांचे को बदलने से फाल्ट की घटनाओं में कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। 512 कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा अधीक्षण अभियंता छैल बिहारी ने शनिवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि जिले में 512 विद्युत विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। विभाग की ओर से कार्यों से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इन विकास कार्यों से जिले के विद्युत ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जर्जर तार और ट्रांसफॉर्मर की समस्याओं को भी दूर किया जाएगा। ओवरलोडिंग और बार-बार फाल्ट से मिलेगी राहत प्रतापगढ़ के कई इलाकों में कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर और पुराने तारों के कारण ओवरलोडिंग की समस्या सामने आती रही है। गर्मी और बारिश के दौरान फाल्ट की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्वीकृत कार्यों से विद्युत व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। सरकार की ओर से जारी बजट से उन उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से विद्युत व्यवस्था दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे थे। कार्य पूरे होने के बाद जिले में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर होने की उम्मीद है।


