Ashish Joshi Case: दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने बुधवार को पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी से उनके हालिया कुछ ‘विवादित’ सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया और देर शाम वह अपने घर लौट गए। जोशी को दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के कार्यालय में बुलाया गया था, जहां काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट की टीम ने उनका बयान दर्ज किया।
जोशी भारत सरकार के दूरसंचार विभाग में कंट्रोलर ऑफ कम्युनिकेशंस के पद पर रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें किसी पुराने मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पुलिस किस मामले को लेकर उनसे पूछताछ कर रही थी।
सुबह 10 बजे स्पेशल सेल पहुंचे, शाम 7 बजे छोड़ा
जानकारी के अनुसार, आशीष जोशी बुधवार सुबह करीब 10 बजे न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंचे थे। करीब नौ घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें शाम करीब 7 बजे जाने दिया गया।
घर पहुंचने के बाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अभी घर पहुंचा हूं। दिल्ली स्पेशल सेल मुझे घर छोड़कर गई। विवरण बाद में।”
संदीप दीक्षित के दावे के बाद सामने आया मामला
आशीष जोशी से पूछताछ का मामला तब चर्चा में आया, जब कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बुधवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस के दो कर्मी सुबह की सैर के दौरान जोशी को नेहरू पार्क से अपने साथ ले गए थे।
दीक्षित ने एक वीडियो बयान में कहा कि जोशी उनके करीबी मित्र हैं और कुछ महीने पहले ही अतिरिक्त सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके मुताबिक, जोशी ने सुबह उन्हें फोन किया था, लेकिन वह कॉल नहीं उठा सके। बाद में जब उन्होंने जोशी को वापस फोन किया तो उनका मोबाइल बंद था।
दीक्षित ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से दावा किया कि दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और जोशी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। हालांकि, पुलिस की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
अमित शाह से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट पर पूछताछ का दावा
आशीष जोशी 1992 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने 31 मार्च 2026 को भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी के तौर पर सेवानिवृत्ति ली थी। वह सोशल मीडिया पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं।
जोशी के एक मित्र ने द वायर से बातचीत में दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पुलिस ने उनसे पूछताछ की। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि पूछताछ किस पोस्ट या मामले को लेकर की गई।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने जोशी के किस ‘एक्स’ पोस्ट को लेकर सवाल किए। जानकारी के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को उनकी ओर से किए गए एक पोस्ट को भारत में ‘एक्स’ पर रोक दिया गया था।
सुबह फिर किया दिनकर की कविता का जिक्र
पूछताछ के अगले दिन गुरुवार सुबह जोशी ने ‘एक्स’ पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘जनतंत्र का जन्म’ की पंक्तियां पोस्ट कीं। उन्होंने लिखा: “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है…”
इस पोस्ट के बाद एक बार फिर उनके सोशल मीडिया अकाउंट और उनके विचारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल, स्पेशल सेल की पूछताछ के पीछे की पूरी वजह और जिस पुराने मामले का जिक्र किया जा रहा है, उसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए सोशल मीडिया पोस्ट को पूछताछ की वजह मानना अभी केवल एक दावा है।

