पूर्व एसपी का फोन हैक…हवलदार के दामाद से ठगी:रिटायर्ड अधिकारी के दोस्त का फर्नीचर बेचने का झांसा, क्यूआर कोड से 25 हजार ऐंठे

पूर्व एसपी का फोन हैक…हवलदार के दामाद से ठगी:रिटायर्ड अधिकारी के दोस्त का फर्नीचर बेचने का झांसा, क्यूआर कोड से 25 हजार ऐंठे

ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में ठगों ने पूर्व एसपी रियाज इकबाल का मोबाइल हैक कर उनके परिचित पुलिसकर्मी के रिश्तेदार से 25 हजार रुपए ठग लिए। दूसरे मामले में टॉफी पैकिंग का काम देने का झांसा देकर 45,500 रुपए की ठगी की गई। दोनों मामलों में महाराजपुरा थाना पुलिस ने शनिवार को केस दर्ज किया है। रिटायर्ड एसपी के दोस्त का फर्नीचर बेचने का झांसा महाराजपुरा हिल्स व्यू कॉलोनी निवासी देशराज सिंह दोहरे ने पुलिस को बताया कि उनके ससुर मुरैना पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक हैं। 14 सितंबर को उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस लाइन में पदस्थ राजवीर सिंह तोमर के पास पूर्व एसपी रियाज इकबाल के नाम से फोन आया है। फोन करने वाले ने बताया कि पूर्व एसपी के एक दोस्त का तबादला हो गया है और वे घर का फर्नीचर, फ्रिज, टीवी, एसी, वॉशिंग मशीन सहित सामान 1.05 लाख रुपए में बेच रहे हैं। देशराज ने सामान खरीदने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने क्यूआर कोड भेजकर 25 हजार रुपए एडवांस जमा करा लिए। इसके बाद और रकम मांगी गई तो संदेह हुआ। राजवीर सिंह तोमर के जरिए जब रियाज इकबाल से संपर्क किया गया तो पता चला कि उनका मोबाइल हैक हो चुका है और ठग उसी का इस्तेमाल कर रहे थे। टॉफी पैकिंग के नाम पर 45,500 रुपए ट्रांसफर दूसरे मामले में गुरुकृपा नगर निवासी 60 वर्षीय सुरेश कुमार रजक ने शिकायत दर्ज कराई है। 23 सितंबर को वे यूट्यूब पर वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान टॉफी पैकिंग का काम और अच्छी कमाई का विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने जीएसटी शुल्क के नाम पर 4,550 रुपए जमा करने को कहा। आरोपी ने दूसरे नंबर पर फोन-पे से रकम भेजने के लिए कहा। सुरेश कुमार ने ट्रांसफर करते समय गलती से 4,550 की जगह 45,500 रुपए भेज दिए। अतिरिक्त रकम वापस मांगने पर आरोपी ने पैसे नहीं लौटाए और पैकिंग का सामान भी नहीं भेजा। साइबर सेल की मदद से जांच महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि दोनों शिकायतों पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से जिन खातों और क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी ट्रांजेक्शन डिटेल निकाली जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से मिलने वाले ऑफर और ऑनलाइन विज्ञापनों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और किसी को भी रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी जानकारी जांच लें।

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