झज्जर अमन के गोल्ड पर बिरोहड़ में होली जैसा जश्न:सुबह होते ही उड़ा गुलाल, ढोल पर थिरके बच्चे-बड़े,दादा का पगड़ी बांधकर सम्मान

झज्जर अमन के गोल्ड पर बिरोहड़ में होली जैसा जश्न:सुबह होते ही उड़ा गुलाल, ढोल पर थिरके बच्चे-बड़े,दादा का पगड़ी बांधकर सम्मान

झज्जर के लाल अमन सहरावत ने एशियाड में 57 किलो भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनके पैतृक गांव बिरोहड़ में खुशी का माहौल है। अमन की जीत की खबर मिलते ही गांव में ऐसा जश्न शुरू हुआ, मानो होली का त्योहार आ गया हो। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और ढोल की थाप पर जमकर नाचे। सुबह होते ही अमन के घर पहुंचने लगे ग्रामीण अमन के स्वर्ण पदक जीतने की खबर मिलते ही सुबह से ही ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे। परिवार को बधाई देने के साथ ग्रामीणों ने अमन की उपलब्धि पर मिठाई बांटी। इसके बाद गांव की व्यायामशाला में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। यहां ढोल-नगाड़ों के साथ रंग-गुलाल उड़ाया गया और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी जश्न में शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि दीवाली आने से पहले ही गांव में दीवाली मन गई और माहौल होली के जश्न जैसा हो गया। हर तरफ अमन की जीत की चर्चा रही। दादा मांगेराम को पगड़ी बांधकर किया सम्मानित ग्रामीणों ने अमन के दादा मांगेराम को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर पोते के गोल्ड मेडल जीतने की बधाई दी। इस दौरान दादा मांगेराम खुशी से भावुक नजर आए। ग्रामीणों ने कहा कि अमन ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बिरोहड़ की मिट्टी का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है। यह उपलब्धि सिर्फ परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव, झज्जर और हरियाणा के लिए गर्व का विषय है। ताऊ बोले- परिवार के लिए गर्व का क्षण अमन के ताऊ ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व का क्षण है। अमन ने कठिन मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता से गांव के दूसरे युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों ने कहा कि अब उनकी नजर अमन के अगले बड़े लक्ष्य पर है। एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि अमन आने वाले 2028 ओलंपिक में भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा ऊंचा करेंगे। ग्रामीण सुभाष सहित अन्य लोगों ने कहा कि अमन ने बेटे की तरह पूरे गांव का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। उनकी जीत पर बिरोहड़ में जिस तरह का उत्साह देखने को मिला, वह गांव के लिए यादगार बन गया है।

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