पूर्णिया में रक्षाबंधन से पहले मिठाई महंगी:50 से 100 रुपए किलो तक बढ़े दाम, कारोबार पर असर; ग्राहक बोले- महंगाई बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ गया

पूर्णिया में रक्षाबंधन से पहले मिठाई महंगी:50 से 100 रुपए किलो तक बढ़े दाम, कारोबार पर असर; ग्राहक बोले- महंगाई बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ गया

पूर्णिया में रक्षाबंधन से पहले महंगाई का असर दिखने लगा है। चीनी के दाम बढ़ने के बाद मिठाइयों के भाव बढ़ा दिए गए हैं। अलग-अलग मिठाइयों की कीमत में 50 से 100 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। दुकानदारों को आशंका है कि बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहक पहले की तरह अधिक मात्रा में खरीदारी नहीं करेंगे। कई दुकानों ने इस बार रक्षाबंधन के लिए शुगर-फ्री मिठाइयां तैयार करने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। चीनी के बढ़े दामों को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। बाजार में त्योहार से पहले महंगाई का झटका भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल ने त्योहार के रंग में भंग डाल दिया है। बाजार में आवश्यक खाद्य सामग्री की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित तेजी का सीधा असर अब मिठाई की दुकानों और आम उपभोक्ता की जेब पर दिखने लगा है। बढ़ती लागत के कारण हलवाइयों और मिठाई निर्माताओं को मिठाइयों की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दुकानदारों में बिक्री घटने की आशंका, उत्पादन हुआ सीमित चीनी के महंगे होने से मिठाई कारोबारी भारी असमंजस में हैं। अमूमन रक्षाबंधन के अवसर पर कई दिन पहले से ही भारी मात्रा में मिठाइयां तैयार की जाती थी, लेकिन इस बार दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर मिठाई बनाना सीमित कर दिया है। कारोबारियों का मानना है कि मिठाइयों की बढ़ी हुई कीमतों के चलते ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में खरीदारी करेंगे। नुकसान के डर से कई दुकानदार अब बड़े और भारी ऑर्डर लेने से भी कतरा रहे हैं। विकल्प के लिए शुगर-फ्री मिठाइयों पर जोर स्थानीय मिठाई विक्रेता अंश ने बताया कि बाजार में अन्य जगहों पर मिठाइयों के दाम काफी बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन हम कीमतों को सामान्य स्तर पर रखने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर हमने इस बार शुगर-फ्री मिठाइयों के निर्माण पर अधिक जोर दिया है, ताकि त्योहार की खुशियां भी बनी रहें और डायबिटीज या स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों को भी त्योहार मनाने में आसानी हो। आम जनता में नाराजगी, अचानक दोगुनी हुई कीमतें चीनी के बढ़े दाम का असर साफ दिख रहा है। अचानक आई उछाल से लोगों के गुस्सा भी बढ़ गया है। बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे आम नागरिकों में इस अप्रत्याशित महंगाई को लेकर कड़ा रोष देखा जा रहा है। स्थानीय निवाली सुरेश का कहना है कि त्योहारों पर चीनी के दाम में 2 से 5 रुपए की सामान्य वृद्धि समझी जा सकती है, लेकिन सीधे 40 से बढ़ाकर 75-80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाना पूरी तरह से अनुचित है। घरेलू बजट बिगड़ गया मायूसी और आंखों में महंगाई की मार लोगों में दिखने लगा है। स्थानीय अभय रॉय बताते हैं कि रक्षाबंधन पर बहनों और रिश्तेदारों के घर मिठाई ले जाना एक अनिवार्य परंपरा है, लेकिन कीमतों में भारी उछाल से पूरे महीने का घरेलू बजट बिगड़ गया है। अब रक्षाबंधन के क्या मिठाई के जाएगा आदमी । जमाखोरी और मनमानेपन पर तत्काल नियंत्रण की मांग स्थानीय शिवशंकर प्रसाद बताते हैं कि चीनी के अचानक बढ़े दामों का असर आम जनता पर बिल्कुल और बहुत गहरा पड़ेगा। अभी पूरी तरह से त्योहारों का समय आ चुका है, खासतौर पर रक्षाबंधन का पावन पर्व नजदीक है, जिसमें हम सभी लोग अनिवार्य रूप से मिठाइयां खाते और बांटते हैं। बाजार में चीनी की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल आ गया है, जिससे मिठाइयां भी महंगी हो रही हैं। इसका सीधा और भारी असर आम पब्लिक के बजट पर पड़ेगा। पूर्णिया में रक्षाबंधन से पहले महंगाई का असर दिखने लगा है। चीनी के दाम बढ़ने के बाद मिठाइयों के भाव बढ़ा दिए गए हैं। अलग-अलग मिठाइयों की कीमत में 50 से 100 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। दुकानदारों को आशंका है कि बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहक पहले की तरह अधिक मात्रा में खरीदारी नहीं करेंगे। कई दुकानों ने इस बार रक्षाबंधन के लिए शुगर-फ्री मिठाइयां तैयार करने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। चीनी के बढ़े दामों को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। बाजार में त्योहार से पहले महंगाई का झटका भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल ने त्योहार के रंग में भंग डाल दिया है। बाजार में आवश्यक खाद्य सामग्री की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित तेजी का सीधा असर अब मिठाई की दुकानों और आम उपभोक्ता की जेब पर दिखने लगा है। बढ़ती लागत के कारण हलवाइयों और मिठाई निर्माताओं को मिठाइयों की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दुकानदारों में बिक्री घटने की आशंका, उत्पादन हुआ सीमित चीनी के महंगे होने से मिठाई कारोबारी भारी असमंजस में हैं। अमूमन रक्षाबंधन के अवसर पर कई दिन पहले से ही भारी मात्रा में मिठाइयां तैयार की जाती थी, लेकिन इस बार दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर मिठाई बनाना सीमित कर दिया है। कारोबारियों का मानना है कि मिठाइयों की बढ़ी हुई कीमतों के चलते ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में खरीदारी करेंगे। नुकसान के डर से कई दुकानदार अब बड़े और भारी ऑर्डर लेने से भी कतरा रहे हैं। विकल्प के लिए शुगर-फ्री मिठाइयों पर जोर स्थानीय मिठाई विक्रेता अंश ने बताया कि बाजार में अन्य जगहों पर मिठाइयों के दाम काफी बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन हम कीमतों को सामान्य स्तर पर रखने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर हमने इस बार शुगर-फ्री मिठाइयों के निर्माण पर अधिक जोर दिया है, ताकि त्योहार की खुशियां भी बनी रहें और डायबिटीज या स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों को भी त्योहार मनाने में आसानी हो। आम जनता में नाराजगी, अचानक दोगुनी हुई कीमतें चीनी के बढ़े दाम का असर साफ दिख रहा है। अचानक आई उछाल से लोगों के गुस्सा भी बढ़ गया है। बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे आम नागरिकों में इस अप्रत्याशित महंगाई को लेकर कड़ा रोष देखा जा रहा है। स्थानीय निवाली सुरेश का कहना है कि त्योहारों पर चीनी के दाम में 2 से 5 रुपए की सामान्य वृद्धि समझी जा सकती है, लेकिन सीधे 40 से बढ़ाकर 75-80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाना पूरी तरह से अनुचित है। घरेलू बजट बिगड़ गया मायूसी और आंखों में महंगाई की मार लोगों में दिखने लगा है। स्थानीय अभय रॉय बताते हैं कि रक्षाबंधन पर बहनों और रिश्तेदारों के घर मिठाई ले जाना एक अनिवार्य परंपरा है, लेकिन कीमतों में भारी उछाल से पूरे महीने का घरेलू बजट बिगड़ गया है। अब रक्षाबंधन के क्या मिठाई के जाएगा आदमी । जमाखोरी और मनमानेपन पर तत्काल नियंत्रण की मांग स्थानीय शिवशंकर प्रसाद बताते हैं कि चीनी के अचानक बढ़े दामों का असर आम जनता पर बिल्कुल और बहुत गहरा पड़ेगा। अभी पूरी तरह से त्योहारों का समय आ चुका है, खासतौर पर रक्षाबंधन का पावन पर्व नजदीक है, जिसमें हम सभी लोग अनिवार्य रूप से मिठाइयां खाते और बांटते हैं। बाजार में चीनी की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल आ गया है, जिससे मिठाइयां भी महंगी हो रही हैं। इसका सीधा और भारी असर आम पब्लिक के बजट पर पड़ेगा।  

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